उनकी इस फुर्ती और साहस के कारण बस सड़क से नहीं उतरी और सभी यात्रियों की जान बच गई। हादसा चैड़ा खड्ड के निकट हुआ। टक्कर इतनी भयानक थी कि चालक के बगल का पूरा आगे का कांच टूटकर बिखर गया। आगे की सीट पर बैठे एक यात्री को हाथ-पैर में हल्की चोटें आईं, शेष सभी यात्री सकुशल रहे। सूचना पाते ही निकटवर्ती गांवों के लोग मौके पर पहुंचे और यात्रियों की मदद से पेड़ को काटकर हटाया। घायल यात्री को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया।
चालक चुनी लाल ठाकुर ने बताया कि यदि एक पल भी चूक होती तो बस खाई में समा जाती। बस में सवार डोले राम ने बताया कि मानसून के दौरान भारी भूस्खलन और बाढ़ के कारण पहाड़ी मार्गों पर सूखे पेड़ गिरने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे खतरनाक पेड़ों को हटाया जाना चाहिए। उधर, परिवहन निगम के मंडी क्षेत्रीय प्रबंधक पीयूष शर्मा ने चालक की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी त्वरित कार्रवाई से 40 जानें बच गईं। बस को थुनाग भेजा गया है और यात्रियों को दूसरी बस से गंतव्य तक पहुंचाया गया।