करीब आधा घंटा बुजुर्ग ने अधिकारी का इंतजार किया। संतोष सूद ने बताया कि वह गरीब परिवार से संबंध रखती है। चिकित्सक बार बार दवाएं बदलते हैं, इसलिए बार बार वह मुफ्त मेडिसन काउंटर पर जाकर दवाएं लेने जाती हैं, हर बार यह कहा जाता है कि यह दवाएं यहां नहीं मिलेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार प्रबंधन दावा करता है कि सभी दवाएं मिलेंगी, लेकिन जब दवाएं लेने आते है तो वह मिल नहीं पाती हैं। उन्होंने बताया कि यह दवाएं महंगी दरों पर बाहर से खरीदनी पड़ रही है। उधर, इस बारे में जब अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनक राज ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है।