शैक्षणिक सत्र 2018-19 के 9700 मेधावियों को मई में लैपटॉप मिलेंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने इस बार जैम पोर्टल के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। बीते साल के विवाद के बाद राज्य इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन से नाता तोड़ते हुए निदेशालय ने अब खुद स्कूल-कॉलेज के टॉपरों के लिए लैपटॉप की खरीद का फैसला लिया है।
बीते माह शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के अध्यक्षता में हुई बैठक में निदेशालय ने स्वयं खरीद करने का फैसला लिया था। इसी कड़ी में शिक्षा निदेशालय ने जैम पोर्टल के माध्यम से लैपटॉप की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभिन्न कंपनियों के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। शिक्षा निदेशालय ने 2017-18 की खरीद प्रक्रिया विवादित होने के चलते राज्य इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन के माध्यम से खरीद नहीं करने का फैसला लिया है।
जैम पोर्टल के माध्यम से की जाने वाली लैपटॉप की खरीद के लिए प्रधान सचिव शिक्षा की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी ही आवेदनों की तकनीकी और वित्तीय बिड करेगी। उधर, शिक्षा विभाग के लिए बीते कुछ सालों से लैपटॉप की खरीद कर रहे इलेक्ट्रानिक निगम ने नाता टूटने पर लैपटॉप की चयन कमेटी में शामिल होने से इंकार कर दिया है।
निगम के अधिकारियों ने बताया कि वे स्वयं भी टेंडर प्रक्रिया में भाग लेंगे। ऐसे में चयन कमेटी में शामिल नहीं हो सकते हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि जैम पोर्टल से टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। इसी माह सभी औपचारिकताएं पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। मई तक स्कूलों के 8800 और कॉलेजों के 900 मेधावियों को लैपटॉप देने का प्रयास रहेगा।