चाबा पेयजल परियोजना के जरिये सतलुज का पानी शिमला पहुंचने में अभी कुछ दिन और लगेंगे। परियोजना का काम अभी पूरा नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 30 अप्रैल तक काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। लेकिन परियोजना में अभी काफी काम बचा है। बिजली आपूर्ति भी शुरू नहीं हो पाई है। परियोजना तक बिजली की लाइन बिछा दी लेकिन कनेक्शन देने संबंधी काम कागजी कार्रवाई में उलझा है।
इसके अलावा पाइपलाइन बिछा दी है लेकिन इसे भी दो-तीन जगह जोड़ा जाना हैं। पंप इंस्टालेशन का काम अंतिम चरण में हैं। आईपीएच विभाग दावा कर रहा है कि एक हफ्ते में पेयजल सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। लेकिन मौके पर हो रहे काम को देखते हुए 15 मई तक ही इस परियोजना के चालू होने की उम्मीद है। शहर में अभी पानी का संकट नहीं है। ऐसे में चाबा परियोजना में हो रही देरी का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। बाकी पांच परियोजनाओं से शिमला को इन दिनों 50 एमएलडी से अधिक पानी मिल रहा है।
भाजपा पार्षदों के साथ मेयर ने लिया जायजा
महापौर कुसुम सदरेट भाजपा पार्षदों के साथ बुधवार को चाबा पहुंची और काम का जायजा लिया। मौके पर मौजूद एसडीओ रंजीव शर्मा ने दावा किया कि एक हफ्ते में सप्लाई चालू हो जाएगी। कहा कि ज्यादातर काम पूरा कर लिया गया है। महापौर ने बिजली कनेक्शन न मिलने पर बिजली बोर्ड से जल्द बैठक करने की बात कही। निर्देश दिए कि जल्द चाबा में दो पंप चलाकर पानी की सप्लाई शुरू की जाए। इस दौरान पार्षद किमी सूद, आरती चौहान, शैलेंद्र चौहान भी मौजूद रहे।
डिप्टी मेयर शिमला में, कांग्रेस पार्षदों ने उठाए सवाल
महापौर और भाजपा पार्षदों के दौरे में डिप्टी मेयर राकेश शर्मा शामिल नहीं हुए। आचार संहिता के बीच मेयर और पार्षदों के अचानक दौरे पर सवाल उठने भी शुरू हो गए हैं। कांग्रेस पार्षद सिमी नंदा ने कहा कि आखिर सभी पार्षदों को साथ क्यों नहीं लिया गया ? ऐसे गुपचुप जाने की जरूरत क्यों पड़ी। डिप्टी मेयर को क्यों नहीं ले जाया गया।