फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पार्षद चमका रहे राजनीति, सफाई व्यवस् था ठप

विज्ञापन
विज्ञापन
पार्षद चमका रहे राजनीति, सफाई व्यवस्था ठप
विज्ञापन

कई वार्डों में नहीं पहुंच रहीं गाड़ियां
लोगों की शिकायतें तक नहीं सुन रहे पार्षद
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। देश के चार हजार से ज्यादा शहरों में 144वें नंबर पर रहे शिमला शहर में सफाई व्यवस्था ठप हो गई है। हजारों घरों से कूड़ा नहीं उठ रहा है वहीं, ज्यादातर पार्षद राजनीति चमकाने में लगे हैं। महापौर के पीछे पड़े पार्षदों के पास अपने वार्ड की सफाई व्यवस्था सुधारने और शिकायतें सुनने तक का वक्त नहीं है। पहले घरों से कूड़ा उठना बंद हुआ था, अब निगम की गाड़ियां भी नहीं आ रहीं। कनलोग और शिवपुरी इलाके में कई दिनों से घरों से कूड़ा नहीं उठ रहा। निगम ने एक-दो दिन तो गाड़ियां भेजीं, लेकिन अब व्यवस्था फिर ठप पड़ गई है। लोग जंगल और सड़क किनारे कूड़ा फेंकने को मजबूर हो रहे हैं। कृष्णानगर के निचले इलाकों में भी लोग नाले में कूड़ा फेंक रहे हैं। बालूगंज और समरहिल के सैकड़ों घरों से पिछले दो महीने से कूड़ा नहीं उठ रहा। नवबहार, भट्ठाकुफर और मल्याणा के कई इलाकों में भी सैहब कर्मचारी काम छोड़कर चले गए हैं। नाभा, टुटू और मज्याठ के कई क्षेत्रों में भी व्यवस्था चरमरा गई है। ज्यादातर पार्षद राजनीति में व्यस्त हैं। नेताओं के आगे-पीछे चक्कर तो काट रहे हैं लेकिन वार्ड में सफाई अभियान चलाने के लिए इनके पास वक्त नहीं। सफाई व्यवस्था ठप होने का ठीकरा अब ये नगर निगम पर फोड़ रहे हैं।
विज्ञापन

जल्द सुधारेंगे व्यवस्था
पांच वार्डों में सफाई व्यवस्था आउटसोर्स होने वाली है। इससे इन वार्डों के कर्मचारी उन इलाकों में शिफ्ट किए जाएंगे, जहां से कर्मचारी काम छोड़कर चले गए हैं। जल्द सभी घरों से कूड़ा उठेगा।
विज्ञापन

कुसुम सदरेट, नगर निगम महापौर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें