अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (शिमला) और सनातन धर्म सभा की ओर से शनिवार को शिमला में भगवान जगन्नाथ की पालकी निकाली गई। इस शोभायात्रा में संस्था से जुड़े सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। यात्रा में हरे कृष्णा हरे रामा... जगन्नाथ स्वामी नैन पथगामी भवतू मैं... भजनों का गुणगान कर माहौल भक्तिमय बना रहा।
शनिवार सुबह राधा कृष्ण गंज मंदिर में भगवान जगन्नाथ का शृंगार करवाया गया। इसके बाद तिल, लड्डू, गुलाब जामुन, पोहा, बाथू लड्डू, सेवी, माक्खनी, बाथू और लौकी की खीर समेत 56 प्रकार के भोग लगाए गए। इसके बाद सैकड़ों भक्तों की मौजूदगी में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा महारानी के अष्ट विग्रह को रथ पर सवार करके करीब पौने एक बजे यात्रा निकाली गई।
रंग बिरंगे फूलों से सजी यह रथ यात्रा लोअर बाजार, शेरे पंजाब से होते हुए मालरोड से दोबारा तारघर पहुंची। भक्तों की ओर से लोगों को प्रसाद भी बांटा गया। उधर, संस्था के सचिव आनंद दास ने बताया कि यात्रा में वृंदावन, चंडीगढ़ और हिमाचल के अलग-अलग क्षेत्रों से आए भक्तों ने हिस्सा लिया।
भक्तों ने की ग्रंथ वितरण सेवा
शिमला। रथ यात्रा के पूरा होने के बाद इस्कॉन संस्था से जुड़े भक्तों ने माल रोड पर लोगों को ग्रंथ भी बांटे। इसमें संदेश दिया गया कि भक्त संस्था और भगवान के बारे में जानें। रथ यात्रा के बाद भक्तों को भंडारा भी परोसा गया।