अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में पानी के लिए मचे हाहाकार के बीच लोगों को सीवेज की सप्लाई देने पर भड़के कांग्रेसी पार्षदों ने शुक्रवार को महापौर कार्यालय में हंगामा कर दिया। कांग्रेसी पार्षद सुबह ही नगर निगम पहुंच गए। महापौर और उप महापौर कार्यालय पहुंचे ही नहीं। कांग्रेसी पार्षद राकेश चौहान, अर्चना धवन, मीरा शर्मा, रचना और सिमी नंदा पहले उप महापौर कार्यालय में गए। डिप्टी मेयर राकेश शर्मा यहां नहीं मिले। इसके बाद सभी महापौर कार्यालय पहुंच गए। महापौर भी नहीं मिली। गुस्साए पार्षदों ने महापौर कार्यालय के भीतर हंगामा शुरू कर दिया। नगर निगम और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर तुरंत महापौर का इस्तीफा मांगा। पार्षद राकेश चौहान और सिमी नंदा ने कहा कि निगम दोषियों पर मुकदमा दर्ज करवाए। लोग पानी के लिए तरस रहे हैं, उधर निगम सीवेज की सप्लाई दे रहा है। निगम फेल हो चुका है जबकि सरकार भी चुप बैठी है।
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तो ऐसे पूरा हो रहा मोदी का सपना
पार्षद अर्चना धवन ने कहा कि भाजपा शासित नगर निगम लोगों को सीवेज पिलाकर पीएम मोदी के स्वच्छ भारत मिशन का सपना पूरा कर रहा है। जब भी शिकायत लेकर दफ्तर आओ, तभी मेयर और डिप्टी मेयर यहां नहीं मिलते। पार्षद मीरा शर्मा, रचना ने कहा कि ऐसा निगम पहली बार देखा है जहां पीने को पानी नहीं मिल रहा। सफाई व्यवस्था ठप है। मीरा ने कहा कि लोगों को राहत दिलाने की बजाय महापौर को चीन जाना ज्यादा जरूरी है। पार्षद दिवाकर शर्मा ने कहा कि निगम संवेदनहीन हो गया है।
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1978 से ऐसे हालात नहीं देखे
समरहिल से पूर्व पार्षद राजीव ठाकुर ने कहा कि 1978 से अब तक शहर में ऐसे हालात नहीं देखे। छठे दिन भी पानी नहीं आ रहा। महापौर को चीन जाने की पड़ी है तो स्थानीय विधायक भी कहीं नहीं दिख रहे। कहा कि सरकार तुरंत हस्तक्षेप कर इस समस्या का हल निकाले।