शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पहली बार योगा विभाग में शुरू की जा रही पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया पर ही एबीवीपी ने सवाल खड़े कर दिए हैं। एबीवीपी की विश्वविद्यालय इकाई ने पीएचडी में प्रवेश के लिए तय किए गए सिलेब्स के मुताबिक परीक्षा करवाने और 20 अंक का साक्षात्कार करवाए जाने की मांग को उठाया है। एबीवीपी इकाई सचिव सुयश पवार ने आरोप लगाया है कि पीएचडी में प्रवेश के लिए सिलेब्स तय किया गया था, मगर इसमें विवि की डीएस ने फेरबदल किया। परीक्षा हिंदी के बजाय इंग्लिश मीडियम में करवाई है। अब अन्य विभागों की तरह योगा में भी साक्षात्कार के लिए तय बीस अंक के लिए कोई साक्षात्कार न करवाकर, नेट, सेट और एचपीयू से एमफिल छात्रों को 20:15:10 के अनुपात में अंक तय कर प्रवेश देने की प्रक्रिया अपनाई है। इससे प्रदेश के छात्रों को पीएचडी योगा की बीस सीटों में प्रवेश मिलना संभव नहीं है, चूंकि यह पहली बार पीएचडी में प्रवेश दिया जा रहा है। एबीवीपी ने मांग की है कि या तो पीएचडी प्रवेश परीक्षा को तय सिलेब्स के मुताबिक परीक्षा हो या फिर पूर्व में करवाई परीक्षा रद्द की जाए या साक्षात्कार में छात्रों को बुलाकर उन्हें पूछे गए सवालों के मुताबिक ही अंक देकर प्रवेश दिया जाए। सुयश का कहना है कि योगा में एमफिल में भी पहले साक्षात्कार हो चुका है। इसलिए पीएचडी में भी 20 अंक का साक्षात्कार हो और छात्रों को प्रवेश दिया जाए। उनका आरोप है कि पीएचडी की प्रवेश परीक्षा के लिए कई विभागों के डीन ने सिलेब्स तय कर मंजूरी दी थी, मगर डीएस कार्यालय से ही इसमें अपनी मर्जी से बदलाव कर आयोजित किया गया और प्रवेश परीक्षा इंग्लिश मीडियम में करवाई गई है। उन्होंने कहा कि यदि एबीवीपी की इस मांग को पूरा न किया गया तो एबीवीपी आंदोलन खड़ा करेगी।
अब सिर्फ अंतिम सूची जारी होना बाकी : प्रो. गिरिजा
विवि की अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. गिरिजा शर्मा ने कहा कि योगा विभाग की 12 सीटों के लिए भी अन्य विभागों की तर्ज पर 80:20 के अनुपात में प्रवेश परीक्षा करवाई गई है। योगा विभाग में कोई अलग से नियम लागू नहीं किए गए हैं। पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है। सिर्फ प्रवेश पाने वालों की अंतिम सूची जारी होना बाकी है। उन्होंने कहा कि बीस अंक की मौखिक परीक्षा में नेट, सेट और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से एमफिल करने वाले उम्मीदवारों को तय अनुपात में अंक देकर प्रवेश दिया जा रहा है।