सिरमौर के चांबीधार निजी बस हादसे में मरने वालों की संख्या आठ हो गई है। रोनी विश्वास (35) छपरा (बिहार) की पीजीआई में देर रात मौत हो गई जिससे दुर्घटना में मरने वालों का आंकड़ा आठ हो गया है। दुर्घटना के कुछ घंटों बाद उपायुक्त बीसी बडालिया एवं पुलिस अधीक्षक सौम्या सांबशिवान दुर्घटना स्थल पहुंचे और शोक संतप्त परिवारों के प्रति प्रशासन की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की।
डीएसपी राजगढ़ योगेश रोल्टा ने बताया कि घायलों में 13 जिला अस्पताल सोलन में, सात को पीजीआई तथा एक आईजीएमसी शिमला में उपचाराधीन है। उन्होंने बताया कि बस हादसे के शिकार सभी आठ लोगों का पोस्टमार्टम करके शव उनके परिजनों को सौंप दिए हैं।
रात को ही उपायुक्त सिरमौर बीसी बडालिया, एसपी सिरमौर सौम्या साम्बशिवन, एसडीएम प्रीतपाल सिंह, तहसीलदार कपिल तोमर, थाना प्रभारी मोहर सिंह चौहान व सीआईडी प्रभारी ओम सिंह दुघर्टना स्थल पर पहुंच गए थे। उपायुक्त सिरमौर बीसी बडालिया ने शुक्रवार प्रात: सिविल अस्पताल राजगढ़ में मृतकों के परिजनों को प्रशासन की ओर से 20-20 हजार रुपये की फौरी सहायता राशि प्रदान की।
योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष जीआर मुसाफिर भी सिविल अस्पताल राजगढ़ पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मिले। दुर्घटना में अधिकतर सवारियां सोलन में एक शादी समारोह से वापस कर आ रही थीं।
बस हादसे के शिकार एवं घायलों के नाम- निजी बस एचपी14ए-4256 महाकाली शर्मा कोच पंचड के समीप उस समय खाई में जा गिरी जब चालक राहुल बस से नियंत्रण खो बैठा और बस करीब 150 फुट खाई में जा गिरी। इस दुर्घटना में चार लोगों अखिल (24) निवासी कटोगड़ा, सदानंद बडोठ (55), विद्यादेवी नेरी बाग (57) व शकुंतला देवी (58) की मौके पर ही मौत हो गई।
जबकि प्रभूराम चायल (58), शीला देवी देवठी (65) व सोनू उर्फ मुर्सलीन (30) लाधीपुर सहारनपुर ने सोलन अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। इसके अलावा देर रात को रोनी विश्वास (35) छपरा (बिहार) की पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हो गई। बस में 29 लोग सवार थे जिसमें से आठ की मृत्यु हो गई है।
घायल में बाबूराम निवासी गांव (रूग), अमित (चायल), परीक्षा (स्टाह), सविता (मढे़ची), जगतराम (शिलांजी), वेद प्रकाश (हडे़च), अमृता (हाब्बन), नितिका (जेलग), दीपक (चांबीधार), पंकज शर्मा (देवठी), सौरव शर्मा (पंचड़), राहुल ठाकुर (चाखल), विवेक (भगनाल बागना), वीरेंद्र कुमार (टिक्कर), संजीव (स्टाह), दील बहादुर (टिक्कर), पृथ्वीराज (पालू), जितेंद्र (अड़वान संगडाह), वीरेंद्र (अणू) व चंपादेवी (मढ़ेची) शामिल हैं।