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हिमाचल में इस साल 755 मेगावाट का अतिरिक्त ऊर्जा उत्पादन शुरू होगा

Sat, 06 Mar 2021 09:00 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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जल विद्युत- सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष 755 मेगावाट का अतिरिक्त ऊर्जा उत्पादन शुरू हो जाएगा। 180 मेगावाट की बजौली होली, 400 मेगावाट की पार्वती-2, 150 मेगावाट की टिडोंग-1 और 25 मेगावाट की लंबाडग परियोजनाएं इस वर्ष चालू हो जाएंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2030 तक 10 हजार मेगावाट उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति लेकर आएगी। इसके अलावा पूरे प्रदेश में इस वर्ष इलेक्ट्रॉनिक बिजली मीटर लगाने की घोषणा भी हुई है। चिकित्सा और शिक्षा संस्थानों में ग्रिड से जुड़े सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का फैसला भी लिया गया है।

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बजट भाषण में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति में हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट शामिल होंगे। इसके लिए ऊर्जा दृष्टि पत्र 2030 लाया जाएगा। इसमें 2030 तक 10 हजार मेगावाट अतिरिक्त विद्युत क्षमता का दोहन नवीनीकरण एनर्जी के रूप में किया जाएगा। अगले वर्ष से प्लग एंड प्ले माडल में 10 प्रोजेक्टों की स्वीकृति हासिल करने के बाद उन्हें निजी क्षेत्र में बोली के माध्यम से आवंटित किया जाएगा। सरकार आठ योजनाओं के चल रहे कार्यों में गति लाएगी। पांच नई एक्सट्रा हाई वोल्टेज योजनाओं का कार्य शुरू होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार के लिए आगामी वित्तीय वर्ष में 29 नई योजनाएं शुरू होगी। इसके अलावा वर्तमान में चल रही 23 योजनाओं को भी पूरा किया जाएगा। कम वोल्टेज की समस्या को खत्म करने के लिए योजना अंतिम चरण पर है। इसका पता लगाने के लिए सर्वे किया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन व्यवस्था होगी। बिजली बोर्ड अपने नुकसान कम कर 2024-25 तक एकल अंक में लाएगा जाएगा। पांगी व लाहौल में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने का साथ ही छोटी बिजली परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
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1500 बीपीएल परिवारों के घरों में 250 वॉट क्षमता प्रति घर आफ ग्रिड और पावर संयंत्र लगाए जाएंगे। ग्रीन गाउशाला योजना के तहत पांच बड़ी गउशाला को हरित व आत्म निर्भर बनाने के लिए अपनाया जाएगा। राज्य में 10 नए सब स्टेशन लगेंगे। राज्य के ट्रांसमिशन नेटवर्क में 454 सर्किट किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण किया जाएगा। इस पर 413 करोड़ खर्च होंगे।  हाइड्रो पावर ट्रांसमिशन के लिए अंतरराज्जीय ट्रांसमिशन व्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा।

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