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सैंपल फेल होने पर 72 कंपनियों के दवा लाइसेंस निलंबित

Thu, 18 Jun 2020 10:51 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, सोलन
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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हिमाचल दवा नियंत्रण विभाग ने फार्मा हब बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ में तैयार दवाएं मानकों पर सही नहीं पाए जाने पर 72 कंपनियों को नोटिस जारी कर उनके लाइसेंस निलंबित किए हैं। यह कार्रवाई वित्त वर्ष 2019-20 में की गई। एक कंपनी का उत्पादन लाइसेंस रद्द कर दिया है। चार मामलों में उत्पाद का दोबारा परीक्षण होना है। वहीं चार अन्य मामलों में विभाग की ओर से कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एक कंपनी ने उत्पादन बंद कर दिया है। यह जानकारी उप दवा नियंत्रक बद्दी मनीष कपूर ने दी। 

मनीष कपूर ने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देश तथा केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन के नियमों के अनुसार अप्रैल 2019 से मार्च 2020 की अवधि में देश में निर्मित दवाओं के 13 हजार 610 नमूने एकत्र किए गए। परीक्षण के बाद इनमें से 398 गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाए गए।
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 उन्होंने कहा कि इन 398 दवा नमूनों में से 82 हिमाचल में स्थापित दवा कंपनियों के थे। निरीक्षण कर्मियों को निर्देश हैं कि वे समय-समय पर कंपनियों का निरीक्षण करें। ऐसी दवा कंपनियों पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिनकी दवाओं के नमूने गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाए गए। वित्त वर्ष 2018-19 में 123 दवाओं के नमूने गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाए गए थे। 

कालाअंब में डिजिटल विजन कंपनी को पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके अलावा लाइफ विजन हेल्थकेयर, सपास रेमेडीज, आईबीएन हर्ब्स, टेरेस, जीडीएस, थियोन, लिगन फार्मास्यूटिकल, सनवेट, एचएल हेल्थकेयर, टेरेंट फार्मा, एलिन, टाइटेंज, सिपला, वी लैबोरेट्रीज, मेडिपोल, स्कॉट एडिल, बोफिन बायोटेक, अलगेन हेल्थकेयर, सिंबोसिस फार्मास्यूटिकल और अथिनज लाइफ साइसेंज आदि कंपनियों पर भी कार्रवाई हुई है।

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