जीएसटी की सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपये किए जाने की सरकार की घोषणा से शिमला के सैकड़ों कारोबारी खुश हैं। इस घोषणा का सबसे ज्यादा फायदा छोटे कारोबारियों को होगा। अब तक जीएसटी की सीमा 20 लाख रुपये निर्धारित की है। हालांकि, राजधानी में अभी भी दस लाख रुपये तक का टर्नओवर करने वाले कारोबारियों को जीएसटी पंजीकरण करवाना पड़ रहा है।
प्रदेश में जीएसटी सीमा 20 लाख करने की घोषणा अभी हाल ही में की है। इसकी अधिसूचना न होने से छोटे कारोबारियों को इस फायदा अभी नहीं मिल पा रहा। ऐसे में कारोबारियों का कहना है कि सरकार ने एक और नई घोषणा तो कर दी है लेकिन इसकी अधिसूचना भी जल्द करें ताकि कारोबारियों को फायदा मिल सके। सरकार की ओर से कंपोजिशन लिमिट को 75 लाख रुपये से डेढ़ करोड़ रुपये करने की घोषणा को भी कारोबारियों ने राहत देने वाला बताया है। हालांकि कारोबारियों के लिए बीमा योजना का बजट में कोई प्रावधान न होने से निराशा भी हाथ लगी है।
नाके हटने से मिलेगी राहत
नाकों को हटाने के फैसले से भी राजधानी के बड़े कारोबारियों को राहत मिलेगी। ऑनलाइन और मोबाइल ऐप से टैक्स जमा करने से कारोबारियों और ट्रांसपोट्रों को अब नाकों पर खड़े रहकर टैक्स नहीं भरना होगा। सेंटर स्थापित होने से राहत मिलेगी। शहर में अनाज मंडी, सब्जी मंडी समेत बड़ी दुकानों के कारोबारी जो बाहरी राज्यों से सामान लाते हैं उन्हें अभी इस समस्या से जूझना पड़ रहा है। यदि कोई कारोबारी नाके पर टैक्स जमा नहीं करवा पाता या लाइसेंस नहीं दिखा पाता उसे पैनेल्टी लगाई जाती है।