शहर में सस्ते पक्के मकानों के लिए करना होगा इंतजार
स्मार्ट सिटी के तहत अभी नहीं बनेंगे सस्ते आशियाने, एनजीटी के फैसले के चलते नगर निगम ने लिया फैसला
1248 करोड़ से बनने हैं मकान, ढाई मंजिला शर्त से दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के गरीब परिवारों को स्मार्ट सिटी में पक्का मकान पाने के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लोअर बाजार से लेकर कृष्णानगर तक बनने वाले पक्के मकानों का काम अभी शुरू नहीं होगा। एनजीटी की ढाई मंजिला शर्त के चलते नगर निगम ने स्मार्ट सिटी के सबसे अहम प्रोजेक्ट को फिलहाल शुरू न करने का फैसला लिया है।
निगम प्रोजेक्ट के तहत बाकी छोटे कार्यों का काम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। कुल 2905 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के 1248 करोड़ रुपये लोअर बाजार से लेकर कृष्णानगर तक के क्षेत्र में बसे गरीब परिवारों को पक्का मकान देने संबंधी रेट्रोफिटिंग प्रोजेक्ट पर खर्च होने हैं। गरीब परिवारों का रिकॉर्ड लेकर निगम ने बाकायदा प्लान भी तैयार किया है। वर्तमान में जिन जगहों पर कच्चे मकान और ढारे हैं, उन्हें हटाकर यहां बहुमंजिला भवन खड़े किए जाने हैं। इसमें चरणबद्ध तरीके से इन परिवारों को बसाया जाना है। इसके लिए अर्बन रिन्यूअल पालिसी भी बनाई जानी है। लेकिन एनजीटी की ढाई मंजिला शर्त के चलते फिलहाल इसका काम शुरू नहीं होगा। निगम भवन निर्माण पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही काम शुरू करेगा।
इन प्रोजेक्टों को पहले करने की तैयारी
नगर निगम आयुक्त पंकज राय स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को देख रहे हैं। हर हफ्ते प्रोजेक्ट की बैठकें भी हो रही हैं। पहले छोटे प्रोजेक्टों जैसे ई टॉयलेट, सड़कों को चौड़ा करने, पार्किंग बनाने, स्मार्ट बसस्टॉप, फुट ओवर ब्रिज, लिफ्ट, स्ट्रीट लाइटें लगाने जैसे काम किए जाएंगे। फिलहाल यह काम शुरू करने से पहले कंपनी में कंसलटेंट की भी नियुक्ति होनी है। नगर निगम आयुक्त पंकज राय ने कहा कि प्रोजेक्ट के छोटे कार्यों को पहले शुरू करवाया जाएगा।
न्यू शिमला में कंपनी ने शुरू किया काम
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए बनाई कंपनी का न्यू शिमला में कार्यालय बनाया गया है। नगर निगम से अधिशासी अभियंता समेत कई अधिकारी और कर्मचारी इस कार्यालय के लिए शिफ्ट हो चुके हैं। प्रोजेक्ट का खाका तैयार करने वाले पूर्व संयुक्त आयुक्त प्रशांत सरकैक को भी इस प्रोजेक्ट की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी है।