सूचना एवं संचार क्रांति के इस युग में एक गांव ऐसा भी है, जहां रात होते हुए लोग बिजली का स्विच ऑन नहीं करते, बल्कि लालटेन जलाते हैं। मामला हिमाचल के ऊना जिले का है। लेकिन, शनिवार का दिन बनखंडी के जंगल खड्ड गांव के लिए एक नया इतिहास रच गया। जब गांव में लोगों ने अपने घर में एक सदी बाद बिजली से जलने वाला बल्ब देखा।
दरअसल जिला का दूरस्थ एवं सीमा पर स्थित होने के कारण इस गांव में आज तक बिजली की लाइन नहीं पहुंच पाई थी। हालांकि यहां अधिक आबादी नहीं है, लेकिन दो प्राचीन मंदिर, करीब दो घर और दशकों पुराना पीडब्ल्यूडी का एक रेस्ट हाउस है। हैरत की बात है कि इस सरकारी रेस्ट हाउस में भी बिजली का कोई प्रावधान नहीं था।
शनिवार को जब गांव में बिजली आई तो लोग खुशी से चहक उठे। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को लड्डू बांटकर खुशी का इजहार किया। लोगों ने इसके लिए हरोली के विधायक एवं उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री का आभार जताया। गौर हो कि ऊना-होशियारपुर मार्ग पर स्थित इस क्षेत्र में लोगों की जमीनें लगती हैं। लेकिन, बिजली न होने से लोग यहां किसी तरह का व्यावसायिक कार्य नहीं कर पा रहे थे। रोड पर दो-तीन ढाबे स्थित हैं, जहां आज तक लालटेन ही जलती रही है।
पंडोगा पंचायत के प्रधान मुनीश कंग, बीडीसी सदस्य पंडोगा रामपाल, खड्ड की प्रधान पूनम दत्ता, पूर्व प्रधान राकेश दत्ता, ईसपुर की प्रधान सुदेश कुमारी, पूर्व बीडीसी सदस्य ईसपुर शरवण कुमार बबलू, समाजसेवी रमन पाठक, हिम ट्रक ऑपरेटर यूनियन ईसपुर के
प्रधान अमित ठाकुर, सचिव विवेक ठाकुर, पंकज दत्ता, सुमित दत्ता, मोहित अग्निहोत्री, विशाल अग्निहोत्री, बृजेश दत्ता, प्रवीण अग्निहोत्री ने बताया कि उद्योग मंत्री ने कुछ समय पहले यहां बिजली पहुंचाने का वादा किया था। जिसे उन्होंने पूरा किया है।