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दस साल में हिमाचल में इतने गुना बढ़े प्राइवेट अस्पताल

Fri, 10 Feb 2017 09:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में पिछले दस साल के दौरान निजी अस्पताल, क्लीनिक और स्वास्थ्य संस्थानों की संख्या सात गुना तक बढ़ गई है। सरकार नए संस्थान खोलने पर जोर तो दे रही है, लेकिन उनमें सुविधाएं नहीं दे पा रही है। शायद यही कारण है कि प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में कुल संस्थानों में 67 फीसदी निजी स्वास्थ्य संस्थान हैं। 
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प्लानिंग बोर्ड की बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त डा. श्रीकांत बाल्दी की ओर से जो प्लानिंग को लेकर रिपोर्ट सौंपी गई है, उसने सरकार के सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी है। रिपोर्ट के अनुसार साल 2007 में सूबे में विभिन्न तरह के निजी संस्थानों की कुल संख्या 35 थी।

इसमें अस्पतालों की संख्या 24 थी, लेकिन साल 2016 तक यह बढ़कर 187 हो गई। इसी तरह नर्सिंग कॉलेज और नर्सिंग/एएनएम स्कूलों की संख्या में भी कई गुना का इजाफा हुआ है। वहीं, सरकार नए पीएचसी-सीएचसी तो खोल रही है, लेकिन उनमें काम करने वाले कर्मचारियों को तैयार करने वाले नर्सिंग कॉलेजों और नर्सिंग/एएनएम स्कूलों की संख्या को नहीं बढ़ा सकी।
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प्लानिंग बोर्ड की बैठक में खुली कलई

प्रदेश में जहां सिर्फ एक सरकारी नर्सिंग कॉलेज और छह नर्सिंग/एएनएम स्कूल हैं। वहीं, निजी क्षेत्र में साल 2007 तक जहां एक भी नर्सिंग कॉलेज नहीं था। वहीं, वर्तमान में प्रदेश में 18 निजी नर्सिंग कॉलेज हैं जहां से हर साल महंगी फीस अदा कर नर्सिंग छात्राएं

सरकारी और गैर सरकारी मेडिकल संस्थानों में सेवाएं दे रही हैं। इसके अलावा प्रदेश में 86 सरकारी अस्पताल हैं, जबकि निजी अस्पतालों की संख्या 187 हैं। जानकारों की मानें तो स्वास्थ्य क्षेत्र में लोगों की रुचि और सरकार की उदासीनता की वजह से ही निजी क्षेत्र का बूम आया है।

स्वास्थ्य और स्वास्थ्य शिक्षा पर जोर दे रही सरकार
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर का कहना है कि कांग्रेस सरकार हमेशा लोगों तक सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास करती है। साथ ही शैक्षणिक संस्थान भी खोले जा रहे हैं। इसी क्रम में वर्षों से चल रहे मेडिकल कॉलेजों की संख्या को दो से पांच किया गया है। आगे भी सरकार स्वास्थ्य और स्वास्थ्य शिक्षा पर जोर देगी।
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