पानी के भारी भरकम बिलों ने शहरवासियों की नींद उड़ा दी है। सरकारी और निजी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू गया है। ऐसे में लोग भारी भरकम बिल चुकाए या फिर स्कूल फीस भरें। नगर निगम में चुने हुए जिन पार्षदों पर आम जनता को राहत दिलाने का जिम्मा है, वह जनता से बिल के रूप में वसूले जा रहे पैसों से हैदराबाद और भुवनेश्वर के टुअर पर जा रहे हैं।
पेयजल कंपनी ने शहरवासियों को पिछले साल अगस्त तक के पांच महीने के बिल जारी किए हैं। नई दरों और मीटर रीडिंग के चलते ज्यादातर उपभोक्ताओं के पहले से कई गुना अधिक बिल आए हैं। भारी भरकम बिलों ने लोगों का बजट बिगाड़ कर रख दिया है। कहा कि जो लोग यह बिल भर चुके हैं, उन्हें चार महीने का एक और बिल थमाने की तैयारी है। कंपनी दिसंबर तक के बिल 31 मार्च से पहले वसूलने की तैयारी कर रही है।
वहीं आम जनता परेशान है। स्कूलों ने दाखिला फीस लेना शुरू कर दी है। लोगों को चिंता सताने लगी है कि हजारों रुपये पानी बिल चुकाएं या फिर स्कूलों में अपने लाडलों की फीस भरें। महापौर कुसुम सदरेट ने कहा कि यदि लोगों को अभी बिल देने में कोई दिक्कत आ रही है तो इसमें रियायत देने की कोशिश की जाएगी। कहा कि अब मीटर रीडिंग पर बिल दिए जा रहे हैं। ऐसे में लोग पानी का सदुपयोग करें तो कि कम बिल आए।
पहली रीडिंग पर उठने लगे सवाल
लोग सवाल उठा रहे हैं कि उनके बिल पहले से कई गुना ज्यादा आए हैं। कंपनी ने पहली रीडिंग कब और कितनी ली इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं। पहले दावा किया था कि पहली रीडिंग के दौरान उपभोक्ता के हस्ताक्षर लिए जाएंगे। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। रीडिंग लेने वाले प्रशिक्षित थे या नहीं, इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पहली रीडिंग जिसके आधार पर बिल जारी किए जा रहे हैं, वह कितनी सही है, इस पर सवाल उठने लगे हैं। भट्ठाकुफर के पूर्व पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि वार्ड में कुछेक घरों को ही बिल मिले हैं। लह भी 30 से 50 हजार के बीच में हैं।
बिना पानी के देना पड़ेगा 200 रुपये बिल
पहले दावा किया था कि यदि कोई उपभोक्ता पानी का इस्तेमाल नहीं करता है तो उसे सिर्फ सौ रुपये सीवरेज सैस देना पड़ेगा। लेकिन अब न्यूनतम बिल दो सौ रुपये लिया जा रहा है। पानी का इस्तेमाल न करने के बावजूद सौ रुपये बिल और सौ रुपये सीवरेज सैस लिया जा रहा है।
रीडिंग पर दिए जा रहे बिल : गुप्ता
नगर निगम के अभियंता विजय गुप्ता ने कहा कि इस बार बिल रीडिंग पर दिए जा रहे हैं। कहा कि जिन लोगों को लगता है कि बिल ज्यादा आए हैं या रीडिंग में गड़बड़ी है, वह इसे चेक करवा सकते हैं। कंपनी सभी उपभोक्ताओं को घर पर बिल पहुंचाएगी। इसके अलावा जिनके बिल ज्यादा हैं वह किस्तों में भी बिल दे सकते हैं।