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कनाह, दोची-टिम्भा में जल संकट, प्यासे रहने की नौबत

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नेरवा (रोहड़ू)।
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कुपवी तहसील की ग्राम पंचायत जुबली की दलित बस्ती कनाह, दोची व टिम्भा में लोग लंबे समय से पेयजल किल्लत का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जल्द समस्या हल नहीं हुई तो मजबूरन पलायन करना पड़ेगा। कनाह, दोची, टिंबा गांव में 50 से अधिक घर हैं। गांव में पेयजल समस्या गंभीर हो गई है। लोगों को दिन का खाना साथ लेकर पानी के लिए सुबह छह बजे घर से निकलना पड़ता है। वे करीब दस किलोमीटर दूर काटली खड्ड से पानी की ढुलाई कर रहे। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग पेयजल सप्लाई नहीं दे रहा है।
काटली खड्ड से घर तक पानी पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में पशुओं की प्यास बुझाना मुश्किल हो रहा है। ग्राम पंचायत जुबली की पूर्व प्रधान विरमा सक्टा, वार्ड सदस्य कांटा पंवार, महिला मंडल कनाहं की उप प्रधान कलावती, सदस्य विमला देवी, विद्या देवी, नाजरू देवी, शांति देवी, गिंदी देवी ने बताया कि हरिजन बस्तियों में पेयजल संकट बढ़ गया है। ग्रामीणों व पशुओं को प्यासे रहने तक की नौबत आ चुकी है। अगर शीघ्र ही गांव में पेयजल सप्लाई नहीं दी गई तो लोगों को पलायन तक करना पड़ेगा। निर्माणाधीन मालत उठाऊ पेयजल योजना का कार्य शीघ्र पूरा करने की मांग उठाई गई है। इसके चलते महिलाओं का प्रतिनिधिमंडल भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सीमा मेहता की अध्यक्षता में एसडीएम चौपाल अनिल चौहान से मिला। महिलाओं ने मांग उठाई कि गांव के लिए टैंकरों से पेयजल सप्लाई दी जाए। उधर, एसडीएम चौपाल अनिल चौहान ने बताया कि गांव में पेयजल संकट के बारे में जिलाधीश शिमला को सूचित कर दिया गया है। बजट आने पर टैंकर लगा कर पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। इस संबंध में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को भी उचित दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
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दोची-टिम्भा गांव तक नहीं बिछी लाइन
नेरवा (रोहड़ू)। जुबली पंचायत के अंतर्गत दलित बस्ती दोची व टिम्भा में आज तक सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग ने पेयजल की लाइनें नहीं बिछाई है। ग्रामीण पानी के लिए गांव में स्थित बावड़ी पर निर्भर थे। लेकिन कुछ माह पूर्व बावड़ी भी सूख गई है। ऐसे में ग्रामीणों को पानी दस किलोमीटर दूर से ढोकर लाना पड़ रहा है। दोची व टिम्बा गांव से करीब आधा किलोमीटर दूरी पर स्थित कनाह गांव में पानी की लाइने तो बिछाई गई हैं पर यहां बीते एक वर्ष से पानी नहीं आ रहा है। कनाह गांव के ग्रामीण भी मजबूरन दस किलोमीटर दूर काटली खड्ड से पानी ढोकर ला रहे हैं।
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