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Himachal News: हिमाचल के चार मेडिकल कॉलेजों में 55 रिटायर प्रोफेसर फिर देंगे सेवाएं, आवेदन आमंत्रित

Mon, 06 Apr 2026 12:09 PM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों की कमी को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 55 पदों के लिए केवल सेवानिवृत्त प्रोफेसरों को ही पात्र माना जाएगा। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश सरकार। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 55 प्रोफेसरों की तैनाती की जा रही है। इसके लिए सरकार ने मेडिकल कॉलेजों के 23 विभिन्न विभागों के लिए सेवानिवृत्त प्रोफेसरों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में 15 प्रोफेसरों की नियुक्ति की जाएगी, जबकि नेरचौक मेडिकल कॉलेज में सबसे अधिक 16 पद भरे जाएंगे। इसके अलावा नाहन और चंबा मेडिकल कॉलेजों में 12-12 प्रोफेसरों की तैनाती की जानी है। इन नियुक्तियों से लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

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इन पदों के लिए केवल सेवानिवृत्त प्रोफेसरों को ही पात्र माना जाएगा। इससे अनुभवी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं फिर से संस्थानों को मिल सकेंगी। खासतौर पर विशेषज्ञ विषयों में फैकल्टी की कमी को दूर करने के लिए यह फैसला लिया गया है। मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों की कमी के चलते पढ़ाई और मरीजों के उपचार दोनों प्रभावित हो रहे थे, जिसे अब दूर करने की दिशा में यह पहल की गई है। चयनित प्रोफेसरों को प्रति माह 2.50 लाख रुपये तक का वेतन दिया जाएगा। 

नियुक्ति के लिए उन्हें एक अंडरटेकिंग भी देनी होगी। यह व्यवस्था अनुबंध के आधार पर होगी और निर्धारित अवधि के लिए ही सेवाएं ली जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग ने योग्य उम्मीदवारों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी कर इन पदों को भरा जा सके। सरकार की यह पहल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। स्वास्थ्य सचिव एम सुधा ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों में सेवानिवृत्त प्रोफेसर की तैनाती की जा रही है। इसके लिए आवेदन मांगे गए हैं। आईजीएमसी और टांडा को छोड़कर अन्य मेडिकल कॉलेजों में यह तैनाती की जानी है।

एचपीवी वैक्सीनेशन के पहले चरण में कुल्लू अव्वल
किशोरियों को ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन लगाई जा रही है, ताकि भविष्य में किशोरियों का सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) से बचाव हो सके। इस वैक्सीनेशन अभियान को तीन चरणों में चलाया जा रहा है। कुल्लू पहले चरण में 29 मार्च को हुई वैक्सीनेशन में प्रदेशभर में अव्वल रहा है। कुल्लू के पांचों स्वास्थ्य खंडों जरी, नग्गर, बंजार, आनी और निरमंड में 413 किशोरियों को टीका लगाया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मियों को बधाई दी है।
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कुल्लू ने प्रदेश के 11 जिलों को पीछे छोड़ा है। पहले चरण में दूसरे स्थान पर शिमला और तीसरे स्थान पर मंडी रहा है। कुल्लू में 413, शिमला में 284 और मंडी में 282 किशोरियों को एचपीवी का टीका लगाया गया है। पहले चरण में प्रदेशभर में 2,522 किशोरियों की वैक्सीनेशन हुई है। हालांकि, पांच अप्रैल को प्रदेश के सभी जिलों में दूसरा चरण जारी रहा। इसमें भी किशोरियों ने वैक्सीनेशन में उत्साह दिखाया है।
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