गुम्मा से शिमला सप्लाई किया जाने वाला लाखों लीटर पानी रोजाना लीकेज से बर्बाद हो रहा है। शहर में पेयजल संकट के दौरान भी रोजाना करीब 50 लाख लीटर पानी बेकार बह रहा था। क्रेगनैनो-ढली मेन पाइपलाइन से अवैध कनेक्शनों की जांच के लिए फील्ड में उतरी नगर निगम की टीम के निरीक्षण में एक दर्जन ऐसे स्थानों पर पता लगा है, जहां भारी लीकेज हो रही है। अधिशासी अभियंता राजेश कश्यप और निगम अभियंता विजय गुप्ता की अगुवाई वाली टीम ने ऐसे स्थानों की सूची तैयार की है, जहां लीकेज चल रही है। ज्यादातर लीकेज सड़क के साथ बिछी लाइन में है। बताया जा रहा है कि भारी वाहनों की आवाजाही के चलते सड़क के नीचे बिछी लाइन के जोड़ लीक हो गए हैं। इससे कई जगह लीकेज का पानी सड़क पर निकलने लगा है। ये ऐसे प्वाइंट हैं जिन्हें एक दिन में ठीक करना संभव नहीं। एक प्वाइंट को ठीक करने के लिए करीब आठ घंटे चाहिए। निगम जल्द इन्हें दुरुस्त करने की तैयारी कर रहा है।