दौलतपुर चौक/ऊना।
आखिर दशकों के इंतजार के बाद अंब-अंदौरा से दौलतपुर रेलवे स्टेशन पर रेलगाड़ी की छुकछुक शुरू हो गई। चीफ कमिश्नर रेलवे सेफ्टी एसके पाठक ने नवनिर्मित रेलवे ट्रैक पर सेफ्टी ट्रायल किया जो सुरक्षा मानकों पर खरा उतरा। बताया जा रहा है कि इस ट्रैक पर रेल सेवा शुरू करने की लगभग सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। जल्द ही इसका विधिवत उद्घाटन करवाकर अंब आने वाली रेल सेवाओं को दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशन तक सुचारु कर दिया जाएगा। रेलवे ने दिन के समय ट्रॉली के जरिए ट्रैक का निरीक्षण किया जबकि दोपहर बाद इस ट्रैक पर 100 किलोमीटर की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाई। शनिवार को दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशन पर सीआरएस ट्रायल हुआ। इस अवसर पर चीफ कमिश्नर रेलवे सेफ्टी शैलेश कुमार पाठक, चीफ एडम ऑफिसर जगदीप राय, डीआरएम अंबाला दिनेश शर्मा, सीनियर डिप्टी सिक्योरिटी ऑफिसर निर्मल सिंह मान, सीनियर डीएमई आरके तायल, ऑपरेशनल मैनेजर कर्ण सिंह, डिप्टी चीफ इंजीनियर आरके कालरा, इंचार्ज राजिंद्र कुमार, संजीव कुमार के साथ रेलवे के दो दर्जन अधिकारी और इंजीनियर उपस्थित रहे। दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशन पर चीफ कमिश्नर रेलवे सेफ्टी एसके पाठक ने सर्वप्रथम पैनल कक्ष, रिले कक्ष, आईपीएस कक्ष और रेलवे स्टेशन दौलतपुर चौक के अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की और कमी मिलने पर अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए। इसके बाद नारियल फोड़ कर सीसीआरएस एसके पाठक ने सेफ्टी ट्रायल किया जो दौलतपुर चौक से शुरू होकर अंब अंदौरा स्टेशन पर खत्म हुआ। 40 वर्ष पहले नंगल-तलवाड़ा रेलवे लाइन पर ट्रेन दौड़ाने का जो सपना देखा गया था, वो अब दौलतपुर चौक तक पूरा होता दिख रहा है। इस ट्रायल के साथ ही 15 किलोमीटर लंबे इस रेलवे ट्रैक का रास्ता रेल सेवाओं के लिए साफ हो गया है।
25 किलोमीटर होगी चिंतपूर्णी की दूरी
इस रेलवे ट्रैक पर दो रेलवे स्टेशन बनाए गए हैं। एक चिंतपूर्णी मार्ग कुनेनरन जबकि दूसरा दौलतपुर चौक। कुनेरन रेलवे स्टेशन का नाम चिंतपूर्णी मार्ग रखने से ट्रैक से सूबे में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस स्टेशन से शक्तिपीठ चिंतपूर्णी की दूरी लगभग 25 किलोमीटर होगी। दौलतपुर चौक से ट्रेन का आवागमन होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों, कर्मचारी वर्ग व आम जनता को शहरों तक पहुंचने में आसानी होगी। साथ ही अन्य धार्मिक स्थल शिवबाड़ी, बाबा बड़भाग सिंह मैड़ी आदि भी इससे जुड़ेंगे। व्यापार के लिए दिल्ली जाने वाले व्यापारियों को इसका सीधा फायदा होगा। अब उन्हें गाड़ी या टैक्सी से रेल लेने के लिए अंब नहीं जाना पड़ेगा।