शिमला। राजधानी में घरेलू रसोई गैस का संकट गहरा गया है। लोगों को इन दिनों गैस की सप्लाई नहीं मिल पा रही है। सिलेंडर न मिलने के कारण लोग परेशान हैं। उपभोक्ता बार-बार एजेंसियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि मौजूदा समय में एक हजार घरेलू गैस सिलेंडरों का बैकलॉग चल रहा है। जबकि, दूसरी ओर घर-द्वार तक सिलेंडर की सप्लाई देने वाले मजदूर भी छुट्टी पर हैं। बीसीएस, विकासनगर, पंथाघाटी सहित आसपास के लोग बेहद परेशान हैं।
इन दिनों लोग एजेंसियों में गैस सिलेंडर की सप्लाई न आने को लेकर एजेंसियों में संपर्क भी साध रहे हैं। एजेंसियां भी एक सप्ताह में सप्लाई देने का दावा कर रही हैं। बावजूद इसके एक सप्ताह बाद सप्लाई नहीं मिल रही है। ऐसे में शहर के लोग घरेलू गैस सिलेंडर खत्म होने के बाद बुकिंग तो करवा रहे हैं, लेकिन तय समय के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। शुक्रवार तक शहर में लोगों को दिए जाने वाले घरेलू गैस सिलेंडर का बैकलॉग एक हजार के करीब पहुंच गया था। लेकिन एक साथ इस बैकलॉग को पूरा करना चुनौती से कम नहीं होगा। रोजाना सैकड़ों की तादाद में गैस सिलेंडरों की बुकिंग शहर में हो रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में लोगों को सप्लाई देरी से मिलने की संभावना है। उधर जिला नियंत्रक खाद्य आपूर्ति पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि गैस सिलेंडर न मिलने को लेकर शिकायत मिली थी। दो से तीन दिनों के भीतर शहर के सभी उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई बांट दी जाएगी।
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तो इसलिए नहीं पहुंचा सिलेंडर
एजेंसी में काम करने वाले मजदूर इन दिनों वोटिंग प्रक्रिया पूरी करने के लिए अपने-अपने गृह क्षेत्र गए हुए हैं। ऐसे में इनके न होने के कारण घरेलू गैस सिलेंडर लोगों के घर-द्वार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। बताया जा रहा है कि शनिवार तक यह मजदूर काम पर लौट जाएंगे।
आठ दिन भी हो गए
शिमला के तेजिंद्र और मोनिका ने बताया कि उन्होंने पिछले सप्ताह घरेलू गैस सिलेंडर बुक किया था। एजेंसी में पूछने पर एक सप्ताह का समय दिया गया था। लेकिन, अब तक सिलेंडर नहीं मिल पाया है। इसके कारण बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खाना तक पकाने की हो रही समस्या
घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध न होने के कारण खाना पकाने की समस्या सबसे बड़ी है। लोगों को घरों में हीटर और इंडक्शन का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे बिजली की खपत ज्यादा हो रही है।