शिक्षा विभाग की ओर से टीजीटी से पीजीटी पदोन्नत किए गए शिक्षकों के चलते
एसएमसी से तैनात 48 शिक्षकों की छुट्टी हो गई है। शुक्रवार को शिक्षा विभाग
ने 268 शिक्षकों की पदोन्नति सूची जारी की। एसएमसी स्कूल टीचर संघ के
अध्यक्ष अनिल पितान और महासचिव मनोज रोंगटा ने कहा कि एसएमसी पर कार्यरत
करीब 48 पीजीटी अध्यापकों को हटाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
शिक्षा विभाग
ने एसएमसी पर कार्यरत अध्यापकों के स्थान पर पदोन्नति से तैनात प्रवक्ताओं
की नियुक्त कर एसएमसी शिक्षकों के साथ अन्याय किया है। अनिल पितान ने कहा
कि 16 नवंबर को अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए
थे कि एसएमसी पर कार्यरत अध्यापकों के स्थान पर पदोन्नत प्रवक्ताओं की
नियुक्ति न की जाए। प्रदेश के कई स्कूलों में अभी भी खाली पद पड़े हैं।
कहा
कि शिक्षा विभाग कुछ शिक्षक संगठनों के दबाव में एसएमसी शिक्षकों के खिलाफ
कार्रवाई कर रहा है। महासचिव मनोज रोंगटा, उपाध्यक्ष कमल जोशी और विरेंद्र
नेगी ने बताया कि चंबा, लाहौल-स्पीति, सिरमौर, शिमला, किन्नौर, कुल्लू,
कांगड़ा और सोलन जिला में एसएमसी शिक्षकों की जगह पदोन्नत पीजीटी तैनात किए
गए हैं। संघ ने कहा कि मुख्यमंत्री के समक्ष इस मामले को उठाया जाएगा।
जल्द सभी जिलों में तैनात एसएमसी शिक्षक मुख्यमंत्री और अतिरिक्त मुख्य
सचिव वीसी फारका से मिलेंगे। उधर, नॉन ग्रांट टीचर संघ के अध्यक्ष बीएल
चौहान और महासचिव यशवंत डोगरा ने भी एसएमसी शिक्षकों को हटाए जाने का विरोध
किया है।