हिमाचल में उद्योगों से साल 2015-16 में 5849.46 करोड़ रुपये और वर्ष 2016-17 में नवंबर 2016 तक 4495.98 करोड़ रुपये का निर्यात किया गया है। सूक्ष्म, लघु एवं मझौले उद्यम अध्ययन के क्षेत्रीय केंद्र की ओर से उद्योग भवन शिमला में ‘हिमाचल प्रदेश के लिए निर्यात योजना का विकास करना’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
आईआईएफटी के प्रवक्ता डा. गौतम दत्ता और सूक्ष्म, लघु एवं मझौले उद्यम केंद्र आईआईएफटी की सलाहकार डा. तमन्ना चतुर्वेदी ने हिमाचल में व्यापार निर्यात योजना विकसित करने, नए उत्पादों, निर्यात के लिए बाजारों का पता लगाने और सूक्ष्म, लघु एवं मझौले उद्यम इकाइयों का निर्यात मानचित्रण तैयार करने पर विस्तार से प्रस्तुतियां दीं।
उद्योग निदेशक राजेश शर्मा ने सभी महाप्रबंधकों को निर्यात योजना, सभी जिलों की सूक्ष्म लघु एवं मझौली उद्यम इकाइयों की विस्तृत जानकारी जमा करवाने के निर्देश दिए, जिससे हर जिले की निर्यात क्षमता का पता लगाया जा सके। इससे हिमाचल के कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों का आर्थिक उत्थान हो सकेगा।
उन्होंने विभाग की ओर से निर्यात क्षमता का पता लगाने के लिए सक्रियता से कार्य करने पर बल दिया। आईआईएफटी की सलाहकार ने आश्वासन दिया कि क्षेत्रीय केंद्र के अधिकारी निर्यात योजना बनाने के लिए सभी जिलों का दौरा करेंगे। औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों और संबंधित सरकारी अधिकारियों से भी मिलेंगे।
सभी जिलों के महाप्रबंधकों की ओर निर्यात क्षमता, निर्यात अवसर और सूक्ष्म लघु एवं मझौले उद्यम इकाइयों के सामने आने वाली चुनौतियों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई। कार्यशाला में प्रत्येक जिले के लिए संभावित निर्यात योजना बनाकर चर्चा की गई।