कार्यक्रम में बोर्ड के अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना, निदेशक (वित्त) श्रवण कुमार मांटा, कार्यकारी निदेशक (कार्मिक) ईशा ठाकुर और मुख्य लेखा परीक्षक अर्जुन सिंह ठाकुर सहित विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कॉरपोरेट सैलरी पैकेज में पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक और कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक को शामिल किया गया है। कर्मचारियों और पेंशनरों को अपनी जरूरत और सुविधा के अनुसार इनमें से किसी भी बैंक का पैकेज चुनने की स्वतंत्रता होगी। बोर्ड अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना ने कहा कि विद्युत क्षेत्र के कर्मचारी कठिन और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं। ऐसे में उनकी वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यह पहल कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हितों की रक्षा के साथ-साथ आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। निदेशक (वित्त) श्रवण कुमार मांटा ने बताया कि कॉरपोरेट सैलरी पैकेज के तहत कर्मचारियों और पेंशनरों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा तथा टर्म लाइफ इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं मिलेंगी। बीमा कवर की राशि संबंधित बैंक और वेतन श्रेणी के अनुसार 30 लाख रुपये से लेकर 1.50 करोड़ रुपये तक हो सकती है। इसके अलावा कई अन्य बैंकिंग लाभ भी उपलब्ध होंगे। बोर्ड ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अपने मौजूदा खातों को कॉरपोरेट सैलरी अकाउंट में अपग्रेड करने अथवा किसी अन्य सहभागी बैंक में स्थानांतरित करने का विकल्प भी दिया है। इससे उन्हें बेहतर सुविधाओं और अधिक लाभ वाले पैकेज का चयन करने का अवसर मिलेगा।