सर्दियों के मौसम में स्वाइन फ्लू फैलने की संभावना के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने सूबे में अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के सभी मेडिकल ऑफिसरों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने सभी जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को स्वाइन फ्लू के मामलों की रिपोर्ट देने के भी आदेश दिए हैं।
प्रदेेश से हर रोज केंद्र को स्वाइन फ्लू, स्क्रब टाइफस और पीलिया से संबंधित मामलों की रिपोर्ट भेजी जाती है। प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक जनवरी से पांच नवंबर तक भेजी गई रिपोर्ट में सूबे में स्वाइन फ्लू के 14 मामले सामने आए हैं और पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में एक जनवरी 2016 से पांच नवंबर तक डेंगू के 332 मामले पॉजिटिव पाए गए। जबकि स्क्रब टायफस के 1145 मामले पॉजिटिव और 37 की मौत हुई और पीलिया के 9240 मामले पॉजिटिव पाए गए और 37 की मौत हो चुकी है। विभाग ने प्रदेश के सभी जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को स्वाइन फ्लू के मामलों की रिपोर्ट भेजने की हिदायत दी है।
मरीज में दिखते हैं ये लक्षण
स्वाइन फ्लू एक वायरल बुखार है। यह वायरस से फैलता है। बारिश की वजह से स्वाइन फ्लू का वायरस और घातक हो जाता है। वातावरण में नमी बढ़ने के साथ ही ये ज्यादा तेजी से फैलने लगता है। यही वजह है कि मौसम के बदलने के साथ स्वाइन फ्लू के मामले अधिक बढ़ते हैं।
स्वाइन फ्लू के मरीज में सामान्य लक्षण रहते हैं। जिसमें नाक का लगातार बहना, छींक आना, कफ, कोल्ड और लगातार खांसी, मांसपेशियां में दर्द या अकड़न, सिर में भयानक दर्द, नींद न आना, ज्यादा थकान, दवा खाने पर भी बुखार का लगातार बढ़ना, गले में खराश का लगातार बढ़ते जाना हैं। स्वाइन फ्लू का वायरस हवा में ट्रांसफर होता है। मरीज के खांसने, छींकने, थूकने से वायरस स्वस्थ व्यक्ति को अपनी चपेट में ले सकता है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. जोगिंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली है। निदेशालय के आदेशानुसार सभी मेडिकल ऑफिसरों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। उधर, स्टेट सर्विलांस अधिकारी राकेश रोशन भारद्वाज ने बताया कि पूरे प्रदेश में स्वाइन फ्लू को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है। सभी मेडिकल ऑफिसरों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।