टैक्सियों में मीटर लगाए जाने के मामले में परिवहन निदेशक ने बुधवार को हाईकोर्ट में शपथ पत्र दायर किया। शपथपत्र में हाईकोर्ट को बताया कि टैक्सियों में मीटर लगाने के लिए 29 अगस्त को अधिसूचना जारी कर गई है। मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और किराया भी प्रति किलोमीटर तय किया जा चुका है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने उन सभी मीटर विक्रेताओं के नाम एवं पते बताने के आदेश दिए जिन्हें टैक्सियों में मीटर लगाने का ठेका दिया गया है।
गौरतलब है कि कोर्ट ने प्रेमराज और अन्यों द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के पश्चात सरकार को यह बताने को कहा था कि पंजीकृत की गईं कुल गाड़ियों में कितनी टैक्सियां पंजीकृत हैं जो शिमला शहर में चलाई जा रही हैं। कोर्ट ने यह भी पूछा था कि क्या इन टैक्सी मालिकों ने अपनी टैक्सी पर उपभोक्ता से वसूले जाने वाले किराए बाबत मीटर लगा रखे हैं या नहीं।
उन्होंने टैक्सी में किराए बाबत साइन बोर्ड के साथ किराए की दरें दर्शा रखी है या नहीं। सरकार की ओर से बताया गया था कि मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने के बाद टैक्सियों में मीटर लगाने की प्रक्रिया को रोक दिया गया था। अब सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी खारिज होने के बाद टैक्सियों में मीटर लगाने जरूरी होंगे। मामले पर सुनवाई 20 सितंबर को होगी।