शिमला। शहर में सफाई व्यवस्था फिर ठप हो गई है। सैहब सोसायटी के कई कर्मचारियों के छुट्टी पर जाने और नौकरी छोड़ने के कारण डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना फेल हो गई है।
चुनाव प्रचार के बाद मेयर-डिप्टी मेयर वापस कार्यालय तो आ गए लेकिन शहर में सफाई व्यवस्था पटरी पर लाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। संजौली, इंजनघर और लक्कड़ बाजार के कई इलाकों में हफ्ते से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। वहीं, भट्ठाकुफर, खलीणी, पंथाघाटी और सांगटी में भी तीसरे और चौथे दिन कूड़ा उठ रहा है। शहर के सबसे पॉश एरिया मालरोड और लोअर बाजार से भी लगातार कूड़ा न उठने की शिकायतें आ रही हैं। हालत यह है कि पार्षदों के घर तक से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। इंजनघर की पार्षद आरती चौहान और भट्ठाकुफर की पार्षद रीता ठाकुर के घर से तीसरे और चौथे दिन कूड़ा उठ रहा है। इंजनघर के दक्षिण विहार इलाके में आठ दिन से कूड़ा नहीं उठा है। लोग नालों और सड़कों पर कूड़ा जमा कर रहे हैं। उधर, सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें मिलने के बावजूद निगम प्रशासन कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर पाया है। प्रशासन मानता है कि कई कर्मचारी नियमित ड्यूटी नहीं कर रहे हैं लेकिन उनकी जगह दूसरे कर्मचारी को भेजने के लिए निगम के पास स्टाफ नहीं है।
अफसर नहीं उठाते फोन, पार्षद भड़के
सफाई व्यवस्था की शिकायतें न सुनने पर पार्षद निगम प्रशासन से खासे नाराज हैं। इंजनघर की पार्षद आरती चौहान ने कहा कि जब निगम के अफसर पार्षदों का ही फोन नहीं उठाते तो भला जनता की शिकायत कौन सुनेगा? भट्ठाकुफर की पार्षद रीता ठाकुर ने कहा कि कई बार शिकायतें कर दी हैं लेकिन, अभी तक नियमित कर्मचारी नहीं आ रहे। लोग उनसे शिकायतें करते हैं, लेकिन प्रशासन इनका समाधान नहीं कर पा रहा। समरहिल की पार्षद शैली शर्मा ने कहा कि जब कोई कर्मचारी छुट्टी पर जाता है तो उसके बदले निगम दूसरा कर्मचारी तक तैनात नहीं कर पा रहा। स्टाफ कम होने की दलील देकर अधिकारी पल्ला झाड़ लेते हैं।
मेयर के औचक निरीक्षण भी बंद
सफाई व्यवस्था को लेकर मेयर के औचक निरीक्षण भी बंद हैं। लोगों का कहना है कि मेयर-डिप्टी मेयर को वार्डों में जाकर सफाई व्यवस्था का हाल जानना चाहिए। वहीं, मेयर कुसुम सदरेट का कहना है कि सफाई व्यवस्था को लेकर जो शिकायतें आ रही हैं, उसके लिए वह सोमवार से खुद फील्ड में जाएंगी। शहर में सफाई बनी रहे, इसके लिए सख्त फैसले भी लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं तो पार्षदों की भी जिम्मेदारी हैं कि उन पर चेक रखें।