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इस तरह दोस्ती में बदल गई दो समुदाय के बीच 400 साल पुरानी दुश्मनी

Tue, 04 Dec 2018 12:03 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलाई (सिरमौर)
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जनपद सिरमौर और शिमला के दो समुदायों के बीच 400 साल पुरानी रंजिश समाप्त होने के बाद शिलाई इलाके में जश्न मनाया गया। दोनों जिलों के ये समुदाय भटनोल में एकत्रित हुए।

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पुरानी दुश्मनी भुलाने के फैसले पर अंतिम मुहर लगने के बाद अब दोनों समुदायों के बीच नई रिश्तेदारियों की शुरुआत हो गई है। दोनों जिलों के सैकड़ों लोगों ने जश्न में शिरकत की और इसके गवाह बने।

दरअसल, जिला शिमला और जिला सिरमौर के दो राजपूत समुदायों के बीच चार सदी से चली आ रही शत्रुता का अंत हो गया। बीते दिनों शिलाई में मैराथन बैठक के बाद मिठास में बदली पुरानी रंजिश खत्म होने पर इसका जश्न मनाया गया।
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इससे पहले जिला शिमला के सैकड़ों झथरौउ (समुदाय) शिलाई के भटनोल पहुंचे। वहीं, समझौते के तहत भटनोल के लोग चंदोऊ जनोंग गए, जहां देवी जनेश्वरी के मंदिर में एक पक्ष ने समझौता कर लिया।

रविवार को ही झथरौउ भटनोल पहुंचे, जहां ठारी मंदिर में देवी की इजाजत से दूसरे पक्ष ने भी समझौते को हरी झंडी दे दी। इस खुशी में दोनों समुदायों के लोगों ने ठारी मंदिर परिसर और गांव में देर रात तक नाटी का दौर चलता रहा। 

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शत्रुता का यह था कारण

इससे पूर्व चंदोऊ ने झथरौउ निवासियों का भटनोल पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया। भटनोल के लाला दलीप ठाकुर, इंद्र ठाकुर, नंबरदार उजागर सिंह, कुंदन चौहान, यशपाल ठाकुर, नारायण ठाकुर, कपिल डककर, संतन चौहान, बहादुर सिंह चौहान ने बताया कि अब उनकी दुश्मनी दोस्ती में बदल गई है।

इस फैसले के बाद सभी लोग खुश नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि शिलाई के पूर्णेश्वर महादेव मंदिर परिसर गिरनोल में बनोग खत के चंदोऊ व शिमला जिला तहसील चौपाल के झुथरौउ के मध्य 400 वर्षों से चली आ रही शत्रुता बीते दिनों बैठक के बाद समाप्त हो गई थी। 

जानकारों के अनुसार धार चांदना की एक विवाहिता जब अकेली जंगल के रास्ते अपने मायके जा रही थी तो जानग के कुछ लोग रास्ते में मिले जिन्होंने उससे शरारत की और उसके बाल काट दिए। गुस्साई महिला उल्टे पांव अपने घर लौटी और ग्रामीणों के समक्ष अपनी आपबीती सुनाकर न्याय की गुहार लगाई।

महिला और ग्रामीणों ने न्याय की फरियाद देवता से की। झुथरौउ वासियों को देवता का ऐसा दोष लगा कि ग्रामीणों को गांव छोड़कर पलायन करने पर विवश होना पड़ा था। यही वजह चार सदी से शत्रुता का कारण बनी थी। 
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