15 दिन के भीतर 100 खडूओं व 300 भेड़ों की मौत हो गई है। पांच दर्जन से अधिक पशु अभी भी इस बीमारी की चपेट में हैं। नेगी ने बताया कि अब तक उनका 25 लाख से अधिक का नुकसान हो चुका है।
बीमारी की शुरुआत में पशु के मुंह में सूजन हुई। इसके बाद मुंह से लार टपकने लगी और खाना-पीना छोड़ दिया। कुछ दिन में ही बकरियों की मौत हो गई। नौहराधार में तैनात डॉ. अमित वर्मा ने बताया कि पशुओं का पोस्टमार्टम करवाया गया है। इनके सैंपल जांच को भेजे हैं। रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा कि किस वजह से इनकी मौत हुई।
इधर, पुलिस ने 41 बकरी चोरी मामले को सुलझाकर आरोपियों से 2,39,000 रुपये की रिकवरी कर पीड़ित को हुए नुकसान की भरपाई करने में कामयाबी हासिल की है।
थाना प्रभारी सुशील गौतम और उनकी टीम ने आरोपियों को मंडी में दबोच कर उन से दो जिंदा और दो काटी हुई बकरियों को गोविंद राम पुत्र चेत राम निवासी सुंदरनगर गांव भौर मंडी के शेड से बरामद किया और अन्य माल की 239000 रुपये की राशि आरोपियों से रिकवर कर ली है।
इस चोरी में इस्तेमाल हुए वाहन दो कारें और एक महिंद्रा पिकअप को भी पुलिस ने कब्जे ले लिया है। पांच लोगों पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। पवन कुमार बंदला निवासी ने मार्च माह में पुलिस थाना खुंडिंया में अपनी 41 बकरियों के चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने
आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। डीएसपी योगेश दत्त ने बताया कि थाना प्रभारी खुंडियां सुशील कुमार, मुख्य आरक्षी रविंदर ने अपनी टीम के साथ इस इस मामले में कार्रवाई की और आरोपियों संजीव कुमार, सनी, गोबिंद राम, बलिया और गोल्डी सभी मंडी और उस के आसपास के रहने वाले हैं, सभी को गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया है, जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया है।