शिमला। प्रदेश सरकार के परिवहन विभाग ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के चौथे चरण के तहत डीजल और पेट्रोल टैक्सियों को इलेक्ट्रिक टैक्सी में बदलने पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। योजना का लाभ प्रदेश के पात्र टैक्सी चालकों को दिया जाएगा। इच्छुक आवेदक 15 जनवरी से 4 फरवरी तक अपने आवेदन क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय शिमला में जमा कर सकते हैं। आवेदन प्राप्त होने के बाद पात्रता शर्तों के अनुसार उनकी जांच की जाएगी। परिवहन विभाग के अनुसार योजना के तहत वही वाहन शामिल किए जाएंगे जो हिमाचल में व्यावसायिक टैक्सी के रूप में पंजीकृत और सक्रिय हैं। डीजल या पेट्रोल टैक्सी का पंजीकरण कम से कम पांच वर्ष पुराना होना अनिवार्य किया है। आवेदक का हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना जरूरी है। ई-टैक्सी के उपयोग से ईंधन पर निर्भरता घटेगी और परिचालन लागत में कमी आने की संभावना है। योजना से संबंधित विस्तृत नियम और शर्तों की जानकारी संबंधित आरटीओ कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी योजना से जुड़ी जानकारी उपलब्ध करवाई गई है। संवाद