राज्य सरकार की ओर से यह दलील दी गई थी कि शायद 33 किलोग्राम चरस सूख गई, जिस पर न्यायालय ने आश्चर्य जताया और जांच का जिम्मा सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक को सौंप दिया।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मालखाने से गायब हुई 33 किलोग्राम चरस के मामले में गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को आदेश जारी किए हैं कि वे जांच करें। साथ ही जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करें। न्यायाधीश संदीप शर्मा ने दो आरोपियों की जमानत याचिका की सुनवाई के बाद यह पाया कि आरोपियों से 110 किलोग्राम चरस बरामद की गई थी, जिसमें से एक-एक किलो के तीन नमूने प्रयोगशाला परीक्षण को लिए गए थे।
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बाकी 107 किलोग्राम चरस को माल खाने में रखा गया था, जिसमें से कुल 74 किलोग्राम चरस को तीन अलग-अलग पार्सल बनाकर नष्ट किया गया है, जबकि बाकी बची हुई 33 किलोग्राम चरस का कोई पता नहीं चला कि वह कहां गायब हो गई। राज्य सरकार की ओर से यह दलील दी गई थी कि शायद 33 किलोग्राम चरस सूख गई, जिस पर न्यायालय ने आश्चर्य जताया और जांच का जिम्मा सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक को सौंप दिया कि वे इसके लिए जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाएं।
चरस तस्करी से जुड़े इस मामले में बंजार पुलिस स्टेशन के समक्ष 14 जनवरी 2021 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। तीन आरोपियों से कुल 110 किलोग्राम चरस बरामद की गई थी। पुलिस ने एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया था, जबकि दो को दो दिनों के भीतर हिरासत में ले लिया था।