विजय माल्या की तरह भारत में बैंकों और फाइनेंस कंपनियों को 3200 करोड़ का चूना लगाकर विदेश जाकर बैठे चंडीगढ़ के उद्यमी राजीव गोयल की औद्योगिक शहर बददी में स्थापित सूर्या फार्मास्यूटिकल लिमिटेड की करीब एक सौ करोड़ की औद्योगिक संपत्ति को एसबीआई ने हिमाचल प्रशासन की मदद से अपने कब्जे में लिया है।
यह कार्रवाई सरफासी एक्ट 14 के तहत उद्यमी द्वारा बैंक लोन की राशि को न लौटाने के चलते अमल में लाया गया है। उद्यमी देश के टॉप टेन बैंक डिफाल्टरों में भी शामिल है। राजीव गोयल एवं उसकी पत्नी अलका गोयल की संपत्ति को पहली दफा जब्त किया गया है। इस उद्यमी परिवार के चंडीगढ़, पंजाब, जम्मू-कश्मीर में स्थित कारोबार को जब्त करने में बैंकों को अब भी कानूनी रूप से इंतजार करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
गौर हो कि मंगलवार देर रात तक कार्रवाई करते हुए तहसीलदार बद्दी नारायण चौहान के नेतृत्व में बैंक अधिकारियों ने चार औद्योगिक प्लाटों जिसमें झाड़माजरी स्थित प्लाट नंबर 49, 50, 50 और बददी के प्लॉट नंबर 85 के भवन और मशीनरी पर ताला लगाया है। प्रशासन कानूनी अड़चन के चलते बददी के प्लॉट नंबर 87 पर बैंक को कब्जा नहीं दिला सका है।