किस मेडिकल काॅलेज के लिए कितनी सीटें
नड्डा ने कहाकि हिमाचल प्रदेश को मिली 320 पीजी सीटों की मंजूरी इसी महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि स्वीकृत सीटों में आईजीएमसी शिमला को 91, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर को 57, नेरचौक मंडी 55, डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा 57, मेडिकल कॉलेज नाहन को 32 और मेडिकल कॉलेज चंबा को 28 सीटें प्रदान की गई हैं। नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव पर अत्यंत तेजी से निर्णय लिया है। हिमाचल सरकार से 23 जून को प्रस्ताव प्राप्त हुआ था। इसके बाद 6 अक्तूबर को एम्स बिलासपुर के दीक्षांत समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी इस विषय पर उनसे चर्चा की थी। अब केंद्र सरकार ने प्रस्तावित सभी 320 सीटों को मंजूरी प्रदान कर दी है।
विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को मजबूती मिलेगी
उन्होंने कहा कि इन अतिरिक्त सीटों से सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, कैंसर तथा अन्य विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को मजबूती मिलेगी। प्रदेश के युवाओं को मेडिकल शिक्षा में उच्च अध्ययन के अधिक अवसर प्राप्त होंगे, वहीं मरीजों को अपने घरों के नजदीक बेहतर और विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध करवाने में सहायता मिलेगी।
आवश्यक प्रशासनिक एवं अन्य प्रक्रियाएं बिना किसी देरी के पूरी करे प्रदेश सरकार: नड्डा
नड्डा ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि वह इन सभी 320 सीटों के समयबद्ध सृजन के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं अन्य प्रक्रियाएं बिना किसी देरी के पूरी करे, ताकि केंद्र सरकार की इस स्वीकृति का लाभ जल्द से जल्द प्रदेश के युवाओं और आम जनता तक पहुंच सके। उन्होंने केंद्र पोषित अन्य विकास परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर भी ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि प्रदेश में केंद्र सरकार के सहयोग से बनाए जा रहे क्रिटिकल केयर ब्लॉकों और जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं के निर्माण कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता है।
रेललाइनों के वित्तीय हिस्सेदारी और भूमि संबंधी लंबित मामलों का समाधान जल्द: नड्डा
इसी प्रकार चंडीगढ़-बद्दी और भानुपल्ली-बिलासपुर रेल परियोजनाओं में राज्य सरकार की वित्तीय हिस्सेदारी तथा भूमि संबंधी लंबित मामलों का शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए हरसंभव सहयोग देने को प्रतिबद्ध है।