अक्तूबर महीने में सरकार इन स्कूलों के प्रभारियों को पुरस्कार देकर सम्मानित करेगी। राज्य स्तरीय पुरस्कार पाने वाले 32 स्कूलों में राजकीय प्राथमिक पाठशाला कमलारी, टिप्परी, राजकीय माध्यमिक पाठशाला चचियाण, राजकीय प्राथमिक पाठशाला बंदोल, प्राथमिक पाठशाला कुफरीधार, राजकीय माध्यमिक पाठशाला बरछवाड़, राजकीय प्राथमिक पाठशाला जोल, राजकीय प्राथमिक पाठशाला धंगोटा, राजकीय प्राथमिक पाठशाला डार, राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंड, राजकीय प्राथमिक पाठशाला भराड़ी, राजकीय प्राथमिक पाठशाला गुलाणी, राजकीय प्राथमिक पाठशाला भारती, राजकीय प्राथमिक पाठशाला भूमति, राजकीय (कन्या) वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सराहां, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मंजयाट, राजकीय उच्च पाठशाला थोड़ निवाड़, राजकीय उच्च पाठशाला स्कोड़ी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला क्वारग, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धनेत्तर, राजकीय उच्च पाठशाला मलांगण, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अमरोह, राजकीय उच्च पाठशाला बनाल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला महारल, राजकीय उच्च पाठशाला खलाणू, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मुंदरू, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौंतड़ा, राजकीय उच्च पाठशाला तराल्ला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बागी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सकोह और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चुवाड़ी शामिल हैं।
प्रदेश के दो स्कूलों का चयन राष्ट्रीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए भी किया गया है। देशभर से चुने गए 52 स्कूलों में से बिलासपुर जिला की राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंद तीसरे नंबर पर, जबकि सिरमौर जिला की राजकीय माध्यमिक पाठशाला धमून आठवें नंबर पर रही है।
इन दोनों स्कूलों को 50-50 हजार रुपये का ईनाम दिया जाएगा। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर 18 सितंबर 2018 को वर्ष 2017-18 के राष्ट्रीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार दिल्ली में प्रदान करेंगे।