पानी के बिल पर 50 फीसदी सीवरेज सेस का बोझ झेल रहे शहर के करीब तीस हजार उपभोक्ताओं को प्रदेश सरकार ने आंशिक राहत दी है। नगर निगम क्षेत्र में अब 50 के स्थान पर 30 फीसदी सीवरेज सेस वसूला जाएगा। प्रदेश सरकार ने इसे लेकर अधिसूचना जारी कर दी है।
नगर निगम ने प्रदेश सरकार से सीवरेज सेस 50 से घटाकर 15 फीसदी लागू करने की मांग की थी लेकिन सरकार ने सीवरेज सेस में मात्र 20 फीसदी की ही कटौती की है। नई व्यवस्था एक जनवरी 2016 से लागू होगी। सीवरेज सेस के कारण राजधानी शिमला के लोगों पर पड़ रहे भारी बोझ को कम करने के लिए दिसंबर माह के नगर निगम के मासिक हाउस में प्रस्ताव पास कर सीवरेज सेस 15 फीसदी वसूलने का निर्णय लिया गया था।
नगर निगम के उप महापौर टिकेंद्र पंवर की अध्यक्षता में आयोजित हाउस में प्रदेश सरकार से सेस में कटौती का एक बार फिर आग्रह करने का फैसला लिया गया था। साथ ही सरकार की प्रतिक्रिया न आने तक नए बिल जारी करने पर रोक लगा दी गई थी।
हाउस के प्रस्ताव पर गौर करने के बाद सरकार से सीवरेज सेस 50 से घटाकर 30 फीसदी करने का फैसला लिया है। इससे पूर्व प्रदेश सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के आधार पर नगर निगम ने अप्रैल 2015 से राजधानी शिमला में 50 फीसदी सीवरेज सेस लागू कर दिया था।
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीसी धीमान ने कहा कि शिमला शहर के लिए सीवरेज सेस 50 फीसदी से घटा कर 30 फीसदी कर दिया गया है। इसे लेकर प्रदेश सरकार की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।
मेयर संजय चौहान ने कहा कि नगर निगम के हाउस ने सीवरेज सेस 50 से घटा कर 15 फीसदी करने की मांग की है। सरकार से सीवरेज सेस 15 फीसदी करने की मांग की जाएगी।
शहर के उपभोक्ताओं को नगर निगम अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर माह का तीन महीनों का बिल इस माह 50 फीसदी सीवरेज सेस के हिसाब से ही जारी करेगा। 30 फीसदी सीवरेज सेस पहली जनवरी 2016 से लागू होगा। इसलिए जनवरी के बाद जारी होने वाले बिलो में लोगों को राहत मिलेगी।