नेशनल ओपन स्कूल के पांवटा साहिब परीक्षा केंद्र में सामूहिक नकल का पर्दाफाश हुआ है। मामला हिमाचल के सिरमौर जिले का है। परीक्षा लेने वाले खुद ही नकल करवा रहे थे। प्रश्नों को हल करने के बाद फोटोस्टेट करवाकर परीक्षार्थियों को बांटा गया था।
गुप्त सूचना पर सिरमौर पुलिस ने छापामारी कर निजी स्कूल के प्रिंसिपल एवं सेंटर सुपरिंटेंडेंट, कैशियर, एनओएस स्टडी सेंटर के दो संचालकों, परीक्षा केंद्र में तैनात आठ शिक्षकों, एजेंटों, छात्रों समेत 28 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नकल करते 11 छात्र भी पकड़े हैं।
सात छात्र दूसरे की जगह परीक्षा दे रहे थे जिनमें दो नाबालिग हैं। पुलिस ने नकल करने वाले छात्रों को तो पकड़ा ही परीक्षा करवा रहे स्टाफ की भी संलिप्तता पाई है। उधर, नकल के पर्दाफाश के बाद एनओएस ने परीक्षा केंद्र की मान्यता रद कर दी है।
केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की स्वायत्त संस्था की ओर से संचालित नेशनल ओपन स्कूल के पांवटा स्थित एक निजी स्कूल में बुधवार सायं 12वीं की अंग्रेजी विषय की परीक्षा चल रही थी।
गुप्त सूचना पर एसपी सौम्या सांबशिवन, एएसपी विनोद धीमान की अगुवाई में पुलिस टीम ने परीक्षा केंद्र में छापा मारा। पुलिस टीम ने छात्रों को सामूहिक नकल करते हुए पकड़ा।
परीक्षा केंद्र में प्रश्नों को हल करने के बाद फोटोस्टेट कर परीक्षार्थियों को बांटा गया था। पुलिस ने आधी रात तक निजी स्कूल का रिकार्ड खंगाला और स्टाफ से पूछताछ की। पुख्ता सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में इसके लिए छात्रों से मोटी रकम वसूली जाती थी।
पेपर हल करने वाले बाहरी राज्यों से बुलाए जाते थे। नकल के लिए प्रश्नों के उत्तर फोटोस्टेट हुए थे। पुलिस ने दोनों प्रिंटर और साथ रखीं आंसर शीटें कब्जे में ली हैं।
एसपी सिरमौर सौम्या सांबशिवन ने बताया कि आईपीसी की धारा 420, 120-बी तथा हिप्र प्रीमिसिस माल प्रैक्टिस इन यूनिवर्सिटी और बार्ड एंड अदर एग्जामिनेशन एक्ट की धारा-7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एएसपी विनोद धीमान ने बताया कि गुप्त शिकायत पर कार्रवाई हुई है। मामले की छानबीन की जा रही है।