बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का एक रथ भी इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएगा। सात दिन चलने वाले मेले में देश विदेशों से लोग शिरकत करेंगे। मेले में इस बार चार ही सांस्कृतिक संध्याएं संध्याएं होंगी।
यह 5, 8, 9 और 10 मार्च को आयोजित होंगी। मेला कमेटी और प्रशासन ने निर्णय लिया है कि दो संध्याओं से बचने वाली राशि को पुलवामा आतंकी हमले में शहीदों को भेजी जाएगी।
महोत्सव में सरस मेला जो कि सेरी मंच पर होगा इसमें देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति की एक स्थान पर दिखेगी। 11 मार्च को मेले का समापन प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत करेंगे और मेले की अंतिम शाही जलेब में भाग भी लेंगे।