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कोटी-बरांडी पाइपलाइन बदलने का काम शुरू, नहीं रहेगी लीकेज की समस्या

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अशोक चौहान
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शिमला।
कोटी-बरांडी पेयजल परियोजना में अब लीकेज नहीं होगी। नगर निगम पूरी पेयजल योजना की पाइपलाइन बदल रहा है। कार्य शुरू कर दिया गया है। कोटी-बरांडी से अश्वनी खड्ड पंपिंग स्टेशन तक नई पाइपलाइन बिछी है। अब अश्वनी खड्ड से कसुम्पटी तक करीब 4.5 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन को बदलने का काम शुरू हो गया है। करीब छह महीने के भीतर कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। नई पाइप लाइन के बिछने से बार-बार हो रही पानी की लीकेज से छुटकारा मिलेेगा। इससे शहर को भी ज्यादा पानी मिल सकेगा। योजना पर कुल 4.8 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। छह एमएलडी की क्षमता वाली इस परियोजना में काफी समय से लीकेज की समस्या चल रही है।
अश्वनी खड्ड परियोजना 1990 में शुरू हुई थी और उसके बाद से इसके पाइप नहीं बदले जा सके। 2015 में अश्वनी खड्ड से दूषित पानी सप्लाई होने के बाद शहर में पीलिया फैला था। उसके बाद योजना को बंद कर दिया। अब कोटी-बरांडी का पानी अश्वनी खड्ड स्थित पंपिंग स्टेशन से ही लिफ्ट किया जा रहा है। योजना की पाइपें जंग खा रही है। ज्यादा प्रेशर होने पर फट जाती हैं।
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पंपिंग स्टेशन में दो की जगह एक ही पंप चलाना पड़ रहा है। मरम्मत के लिए भी लाखों खर्च करने पड़ रहे हैं।

बार-बार सड़कों की खुदाई से विभाग को आपत्ति
धर, लीकेज ठीक करने के लिए निगम को बार-बार सड़कों की खुदाई भी करनी पड़ रही है। इस पर लोक निर्माण विभाग ने भी आपत्ति जताई थी। ऐसे में अब निगम पूरी लाइन को ही बदलने जा रहा है। इसके लिए लोनिवि ने भी अनुमति दे दी है। योजना का काम देख रहे एक्सईएन डिजायन राजेश कश्यप ने बताया कि नई पाइपें आ चुकी हैं और उन्हें बिछाने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
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अश्वनी खड्ड से कसुम्पटी टैंक तक बिछेगी नई लाइन
400 एमएम यानि 16 इंच की नई पाइपलाइन को अश्वनी खड्ड स्थित पंपिंग स्टेशन से कसुम्पटी में बने वाटर स्टोरेज टैंक तक बिछाया जा रहा है। यह लाइन कुल 4.5 किलोमीटर लंबी होगी। पुरानी पाइप 18 इंच की थी। यह पाइप लाइन पुरानी लाइन के साथ-साथ ही बिछेगी लेकिन बीच में इसे रिहायशी इलाकों से बाहर कर दिया गया है।
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लीकेज में बर्बाद हो जाता है तीन एमएलडी पानी
पाइपलाइन में लीकेज और दो इंजन न चल पाने के चलते अभी दो से तीन एमएलडी पानी बर्बाद हो रहा है। नई लाइन बिछने से शहर को रोजाना 5 से 6 एमएलडी पानी मिल सकेगा। अभी इस परियोजना से विकासनगर, देवनगर, सरघीण, पंथाघाटी, कंगनाधार, मेहली, शकराला, बसंत विहार, कसुम्पटी, एसडीए कॉलोनी, चैली आदि इलाकों में पानी सप्लाई होता है। इनके क्षेत्रों के लिए रोज 6 एमएलडी पानी चाहिए लेकिन लीकेज के चलते गिरि का पानी इन इलाकों में देना पड़ रहा है।
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