रामपुर बुशहर।
ननखड़ी उप तहसील के तहत शोली पंचायत में बीते दो वर्ष से बीपीएल सूची में फेरबदल नहीं हो पाया है। नई पंचायत के कार्यकाल को दो वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। लेकिन अभी तक पंचायत क्षेत्र के पात्र लोगों को बीपीएल सूची में शामिल नहीं किया गया है। इससे क्षेत्र के गरीब लोगों में रोष का माहौल है। हालांकि इस बारे में एसडीएम रामपुर को भी शिकायत भेजी गई है। लेकिन बीपीएल सूची में कोई फेरबदल नहीं हो पाया है। ऐसे में जन प्रतिनिधि बीपीएल के लाभों का जमकर लाभ उठा रहे हैं।
गौर हो कि शोली पंचायत में बीपीएल के लिए पात्र लोगों को बीते दो वर्षों से केंद्र और प्रदेश सरकार की सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा। अनुसूचित जाति संगठन के अध्यक्ष संजीव कुमार ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के नाम भी बीपीएल की सूची में शामिल किए गए हैं। ऐसे में बीपीएल की सूची में यदि फेरबदल किया जाता है तो उनके नाम इस सूची से कट जाएंगे। इसके चलते इस सूची में नए नामों को दर्ज नहीं किया जा रहा। हालांकि बीते अप्रैल माह में हुई ग्राम सभा के दौरान पंचायत क्षेत्र के पात्र लोगों ने बीपीएल सूची में नाम दर्ज करने को कहा। लेकिन जन प्रतिनिधि टालमटोल कर गरीब लोगों को गुमराह कर रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों की मनमानी के चलते बीपीएल सूची में फेरबदल नहीं किया जा रहा और पात्र लोगों को दरकिनार कर उनको मिलने वाले फायदों से जन प्रतिनिधि स्वयं लाभान्वित हो रहे हैं। इस बारे में कुछ समय पहले एसडीएम रामपुर डॉ. निपुण जिंदल को शिकायत पत्र भी सौंपा गया। इसके बाद एसडीएम ने संबंधित बीडीओ को मामले की छानबीन के निर्देश दिए गए थे। लेकिन तब से लेकर अब तक यह मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। संजीव ने चेताया कि यदि समय रहते समस्या का हल नहीं होता तो वे उपायुक्त शिमला से मिलकर इस मामले को उठाकर उचित कार्रवाई की मांग करेंगे।
प्रतिनिधियों के नाम हटाने के दिए निर्देश : प्रधान
पंचायत प्रधान कमला नेगी ने माना कि पंचायत प्रतिनिधियों के नाम आईआरडीपी में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधियों के नाम सूची से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, बीडीओ ननखड़ी कामेश्वर चौहान ने कहा कि एसडीएम के निर्देश उन्हें प्राप्त हुए हैं। जल्द पंचायत का दौरा कर मामले की गहनता से छानबीन कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों के नाम जल्द ही बीपीएल सूची में डाल दिए जाएंगे।