अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बाहरी राज्यों से शिमला आने वाले वाहनों से अब लोकसभा चुनाव के बाद ही ग्रीन फीस ली जा सकेगी। चुनाव को देखते हुए सरकार ने अभी ग्रीन फीस वसूलने के प्रस्ताव को मंजूरी देने से मना कर दिया है।
शहर में एंट्री करने वाले बाहरी राज्यों के वाहनों से ग्रीन फीस वसूलने के लिए नगर निगम ने सरकार को प्रस्ताव भेजा था। निगम चाहता है कि मार्च से ग्रीन फीस वसूली शुरू की जाए। इस प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिल चुकी है। अंतिम मंजूरी कैबिनेट की बैठक में मिलनी है लेकिन सरकार चुनाव को देखते हुए अभी कोई नया टैक्स लोगों पर नहीं थोपना चाहती। सूत्रों के अनुसार निगम के भेजे प्रस्ताव पर सरकार ने अभी कोई फैसला लेने से इंकार कर दिया है।
बताया जा रहा है कि चुनाव के बाद ही इस पर कोई फैसला लिया जाएगा। प्रस्ताव को अगले कुछ महीने के लिए ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। नगर निगम पिछले डेढ़ साल से फीस वसूली शुरू करने की कोशिश कर रहा है। ग्रीन फीस से नगर निगम को सालाना 12 करोड़ रुपये की आय होनी है।
वाहनों से ली जाएगी इतनी फीस
बस और ट्रक से तीन सौ रुपये शुल्क लिया जाएगा जबकि छोटी कार से दो सौ रुपये शुल्क लिया जाना है। दो पहिया वाहनों का शुल्क 50 रुपये रखा है। यह शुल्क बाहरी नंबर वाली गाड़ियों से लिया जाएगा। वाहन मालिक मोबाइल ऐप, पार्किंग, निगम काउंटर या शहर के होटलों में यह शुल्क जमा करवा सकेंगे। शुल्क न देने वाले वाहनों को जुर्माने का प्रावधान है। शहर में जिन लोगों के पास बाहरी नंबर की गाड़ियां है, वे अपने स्थानीय पार्षद से एनओसी लेकर शुल्क से बच सकते हैं।
इस बारे में सरकार से करेंगे बात
ग्रीन फीस शुरू होने से निगम को करोड़ों रुपये की आय होगी। इस पैसे को राजधानी में पर्यटक स्थल विकसित करने और बेहतर सुविधाएं देने की योजनाओं पर खर्च किया जाएगा। प्रस्ताव को लेकर दोबारा सरकार से बात की जाएगी। इसके बाद जो भी दिशा निर्देश होंगे, उसके अनुसार ही वसूली शुरू होगी।
कुसुम सदरेट, महापौर नगर निगम शिमला