शिमला। नगर निगम में कांग्रेस के बाद अब भाजपा पार्षदों ने भी महापौर के खिलाफ बगावत कर दी है। शहर में पेयजल आपूर्ति और सफाई व्यवस्था ठप होने का जिम्मेदार ठहराते हुए पार्षदों ने महापौर से इस्तीफा तक मांग लिया है।
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे महापौर कार्यालय में जमकर हंगामा हुआ। भाजपा पार्षद आरती चौहान, कांग्रेस पार्षद राकेश चौहान और अर्चना धवन कार्यालय पहुंचे। महापौर यहां मौजूद नहीं थीं। पूछने पर पता चला कि महापौर निजी कार्यों से बाहर हैं, आज नहीं आएंगी। इस पर पार्षद भड़क गए। कहा कि जनता परेशान है और महापौर के पास शिकायत सुनने तक का समय नहीं। आरती ने कहा कि महापौर से अगर व्यवस्था नहीं संभाली जा रही तो वे इस्तीफा दे दें। उधर, कांग्रेसी पार्षद राकेश चौहान ने कहा कि महापौर और उप महापौर जनता की समस्याओं का समाधान नहीं निकाल पा रहे हैं। इन्हें तुरंत पद छोड़ देना चाहिए।
तो ऐसे साकार हो रहा पीएम का सपना
पार्षद अर्चना धवन ने कहा कि शहर में भाजपा सरकार सफाई व्यवस्था ठप कर प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत का सपना साकार कर रही है। कहा कि जब पता था कि शहर में पेयजल संकट होगा तो एक महीने पहले कोई योजना क्यों नहीं बनाई।
महापौर के चीन दौरे पर भी उठाए सवाल
पार्षदों ने महापौर के आगामी चीन दौरे पर भी सवाल उठाए। कहा कि आखिर चीन जाकर महापौर क्या करेंगी। पूछा कि चीन दौरे पर निजी सचिव को क्यों ले जाया जा रहा है। महापौर को अपने साथ किसी पार्षद या उप महापौर को ले जाना चाहिए था।
कोट
जनता की चिंता, इसीलिए कर रही हूं भागदौड़
पेयजल बढ़ाने के लिए आए दिन सरकार से मिल रही हूं। अधिकारियों के साथ फील्ड में जा रही हूं। हड़ताल टालने के लिए अधिकारियों से कई बार बैठकें भी कीं। जो बन सकता था, वह किया। जहां तक चीन दौरे की बात है तो जब तक शहर में सफाई और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो जाती, निगम से कोई प्रतिनिधि किसी दौरे पर नहीं जाएगा। मैं भी नहीं।
-कुसुम सदरेट, महापौर नगर निगम शिमला