शिमला। विधानसभा चुनाव में कर्मचारियों और वोटिंग मशीनों को मतदान केंद्रों तक ले जाने के लिए लगाई गई एचआरटीसी बसों से मंगलवार को शहर जाम हो गया। सेंट एडवर्ड स्कूल के पास एचआरटीसी की आठ बसें दिन भर सड़क किनारे खड़ी रहीं। इससे खलीणी और छोटा शिमला से लेकर ओल्ड बसस्टैंड तक लंबा जाम लगा रहा। लोगों को करीब दो किलोमीटर का सफर एक से डेढ़ घंटे में पूरा करना पड़ा। हैरानी की बात यह थी कि कोई पुलिसकर्मी भी ड्यूटी पर दिखाई नहीं दिया। लोग सुबह दस से लेकर शाम पांच बजे तक जाम में फंसे रहे। वहीं, कसुम्पटी और संजौली में भी कर्मचारियों को ले जाने के लिए लगी बसों से जाम लगता रहा। जानकारी के मुताबिक शिमला शहर विधानसभा सीट के तहत पोर्टमोर स्कूल में सुबह नौ बजे ही सभी कर्मचारियों को बुलाया गया था। इन कर्मचारियों को पोलिंग बूथों तक ले जाने के लिए एचआरटीसी की आठ बसें लगाई गईं। ये बसें सुबह साढ़े दस बजे ही सेंट एडवर्ड के पास बेतरतीब तरीके से खड़ी कर दी गईं। शाम चार बजे तक बसें यहीं खड़ी रहीं और इससे लंबा जाम भी लग गया।
लोग जाम से परेशान, ट्रैफिक पुलिस अनजान
लोगों का कहना था कि जब कर्मचारियों को ड्यूटी पर भेजा जाना था, उसी समय बसें यहां खड़ी करनी चाहिए थी। घंटों तक खाली बसें खड़ी कर लोगों को परेशान किया जा रहा है। कनलोग के पार्षद बृज सूद ने बताया कि चुनाव के लिए लगी बसों से यह जाम लगा। उन्होंने कहा कि पुलिस को यातायात सुचारु करने के लिए व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया। पुलिस की लापरवाही से यातायात ठप रहा। उधर, डीएसपी ट्रैफिक चमनलाल ने बताया कि वह कसुम्पटी में यातायात सुचारु कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सेंट एडवर्ड के पास जाम की कोई सूचना उन्हें नहीं मिली है।