राजधानी में मौसम के बदलते ही वायरल से पीड़ित मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। अस्पताल की ओपीडी में औसतन खांसी बुखार से पीड़ित रोजाना तकरीबन साठ मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। आईजीएमसी और रिपन में बच्चों सहित बड़ों में इस बीमारी की तीस फीसदी तक संख्या बढ़ी है। रिपन अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रंजना राव ने इस बात की पुष्टि की है। कुछ लोग पीड़ित बच्चों को निजी अस्पतालों में दिखा रहे हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि सुबह-शाम सर्दी से बच्चों को सर्दी जुकाम और खांसी हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि शुरूआती सर्दी में बच्चे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
बरसात के बाद होने वाले वायरल इंफेक्शन से कंजक्टीवाइटिस रोग फैल रहा है। इस बीमारी से पीड़ित रोजाना औसतन 70 मरीज इलाज करवा रहे हैं। हालांकि नेत्र रोग विभाग के डॉक्टरों का कहना है कि यह रोग आमतौर पर दस से बारह दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन अगर रोग ठीक न हो तो तुरंत चिकित्सकीय उपचार के लिए अस्पताल आना चाहिए। आईजीएमसी नेत्ररोग विभाग के विभागाध्यक्ष एमएल पांडे का कहना है कि वायरल इंफेक्शन से यह रोग फैल रहा है। इसके अलावा पीड़ित मरीज के तौलिया, साबुन के इस्तेमाल करने से यह रोग फैल रहा है।
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छह से आठ दिन करे आराम
मौसम बदलाव से होने वाली खांसी और बुखार अगर छह से आठ दिनों में ठीक नहीं होता है तो तुरंत अस्पताल आए। ऐसा न करने पर मरीज को बीमारी गंभीर हो सकती है।
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