विश्वास भारद्वाज
शिमला। शहर में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए पहला चार्जिंग स्टेशन बनकर तैयार हो गया है। एचआरटीसी ने ढली वर्कशाप में ई-बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाया है। यहां एक बार में तीन बसें चार्ज होंगी। 630 केवी का अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित करने की औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गई हैं।
फेम इंडिया स्कीम (फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्यूफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकलस) के तहत शिमला में 30 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जानी हैं। इनमें से 10 बसें इसी माह शिमला पहुंच जाएंगी। बसों को शहर के लोकल रूटों पर चलाया जाना है। मार्च में 20 अन्य बसें भी शिमला पहुंच जाएंगी। बसें आने से पहले एचआरटीसी ने ढली वर्कशाप में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का काम पूरा कर लिया है। वर्कशाप के इलेक्ट्रिक शेड में चार्जिंग स्टेशन बनाया है। चार्जिंग स्टेशन के अंदर ही बसों की मरम्मत के लिए डक भी बनाया है। चार्जिंग स्टेशन में इंटर लॉक टाइलों से फ्लोरिंग की है। ट्रांसफार्मर लगाने के लिए प्लेटफार्म बनाया जा रहा है। 630 केवी का ट्रांसफार्मर लगाने के लिए विद्युत बोर्ड को एडवांस पेमेंट भी जारी कर दी है। निगम के एमडी संदीप भटनागर और मुख्य महाप्रबंधक हेमेंद्र कुमार गुप्ता ने वर्कशाप का निरीक्षण कर चार्जिंग स्टेशन के लिए स्थान चिन्हित किया था।
ढली वर्कशाप में चार्जिंग स्टेशन का काम पूरा : अनिल
बस स्टैंड प्रबंधन एवं विकास प्राधिकरण के मंडलीय प्रबंधक अनिल सेन ने बताया कि ढली वर्कशाप में इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाने का सिविल वर्क पूरा कर दिया है। ट्रांसफार्मर लगाने के लिए भी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं हैं।
दिल्ली में किया था इलेक्ट्रिक बसों का निरीक्षण
एचआरटीसी अधिकारियों ने 23 जनवरी को दिल्ली के पास धारूहेड़ा में इलेक्ट्रिक बसों का निरीक्षण किया था। इसमें बसें शिमला में संचालन के लिए फिट पाई गई थीं। दावा है कि 140 हार्स पावर की ई बसें शहर में चढ़ाई वाली सड़कों पर भी आसानी से चलेंगी।
7 मीटर लंबी होंगी बसें, नहीं लगेगा जाम
यह बसें 7 मीटर लंबी होंगी। मौजूदा समय में चल रही नीली बसों से यह दो मीटर छोटी होंगी। लंबाई कम होने के कारण यह बसें शहर में जाम का कारण नहीं बनेंगी। बसों की फ्लोर हाइट 900 एमएम निर्धारित की है।