शिमला। राजधानी के राजीव गांधी महाविद्यालय में आयोजित तीन दिन के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शिक्षा निदेशक उच्चत्तर शिक्षा डॉ. बीएल विंटा ने समापन किया। इसमें साइंस में एचपीयू की नीलम मट्टु, सीमा कॉलेज के गोपाल दत्त, कामर्स में प्रो. राजेश धोरटा का बेहतरीन शोध पत्र पेश करने पर उन्हें पहला पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा साइंस में अश्वनी शर्मा सीमा कॉलेज, तुल्लिका मेहता पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़, ठियोग कॉलेज की प्रो. मीनाक्षी, आर्ट्स में प्रियंका वैद्य, एसएन स्नेही रामपुर, गोपल कृष्ण शिक्षा निदेशालय और रविंद्र कुमार जम्मू को कॉमर्स में, राजेश धोरटा ठियोग कॉलेज के अलावा प्रो. कविता कुंबरा कोटशेरा कॉलेज को भी शोध पत्र पेश करने पर सम्मानित किया गया। सम्मेलन में जर्मनी से आए प्रो. अमरेयी विलेरट ने अपना शोध पढ़ा। वहीं, यूएसए के प्रो. कमलेश ने नई तकनीक पर उद्यमिता और उद्योग तथा रोजगार पर अपने विचार रखे। दशरथ कुमार ने जापान और इलेक्ट्रॉनिक रोबोट्स पर, प्रो. वीके मट्टू ने एपीकल्चर पर तो विवि के प्रो. महावीर सिंह ने नैनो टेक्नोलाजी का उपचार और संचार में उपयोग विषय पर अपने विचार रखे। इसके अलावा डॉ. एनएस हरदयाल ने बहुराष्ट्रीय कंपनी का विश्व के विकास में योगदान, डा. हेमंत गुप्ता ने पर्यावरण संबंधित चुनौतियों, डॉ. बृजेश पापटा ने विज्ञान में हुए नए अविष्कार और डा. एनके शारदा जेएनयू ने योग, ध्यान और मानव जीवन पर अपने विचार रखे । एसपी क्राइम संदीप धवल ने साइबर अपराध और चुनौतियां विषय पर जानकारी दी। सम्मेलन में कॉलेज के करीब 35 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। छात्र मीनल, गुंजन, शिवेन और अन्य छात्र-छात्राओं ने कहा कि सम्मेलन से उनका ज्ञान बढ़ा है।