हिमाचल विश्वविद्यालय के छात्रावासों और परिसर में छात्र गुटों में हुए खूनी संघर्ष मामले की जांच रिपोर्ट कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार के आदेशों पर प्रति कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान की अध्यक्षता में बनी जांच कमेटी ने बुधवार को सौंप दी। अब इस मामले में आगामी कार्रवाई को लेकर राज्यपाल के आदेशों का विवि इंतजार करेगा। वीरवार को विवि राज्यपाल को यह रिपोर्ट सौंप सकता है।
जांच कमेटी ने छात्रावासों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को ही अपनी जांच का आधार बनाया है। फुटेज खंगालने को लगे एक सप्ताह से अधिक समय में कमेटी ने दोनों छात्र संगठनों के करीब 21 कार्यकर्ताओं को इसमें संलिप्त पाया है। छात्रावास स्टाफ के सहयोग से विवि के छात्रों की हुई पहचान के आधार पर सूची को रिपोर्ट में संलग्न किया है। हिंसा में सक्रिय रूप से संलिप्त पाए गए इन छात्रों के खिलाफ विवि प्रशासन आगामी कार्रवाई अमल में लाएगा।
इसमें छात्रों कोे नोटिस जारी किए जाएंगे और इनका जवाब आने के बाद छात्रों का विवि से निष्कासन तक किया जा सकता है। बुधवार को देर शाम तक जांच कमेटी और विवि प्रशासन की लंबी बैठकों का दौर जारी रहा। देर शाम रिपोर्ट कुलपति को सौंपी गई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर कुलपति और विवि प्रशासन छात्रों पर कार्रवाई अमल में लाएगा। रिपोर्ट और भविष्य में ऐसी घटनाओं की संभावनाओं को कम करने और युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में लगाए जाने को कार्ययोजना बनाकर विवि के कुलाधिपति तथा राज्यपाल हिमाचल प्रदेश आचार्य देवव्रत को सौंपनी है।
25 मार्च को गठित की थी जांच कमेटी
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार ने 24 मार्च को हुई हिंसा मामले की जांच के लिए 25 मार्च को प्रति कुलपति की अध्यक्षता में छह सदस्यीय कमेटी गठित की थी। इसमें विवि के सुरक्षा अधिकारी, चीफ वार्डन, डीएसडब्लू सहित अन्य अधिकारी शामिल किए थे। इस कमेटी को तीन दिनों में रिपोर्ट सौंपनी थी, जो कमेटी करीब नौ दिन बाद रिपोर्ट तैयार कर कुलपति को सौंप पाई है।
राज्यपाल ने विवि से तलब की थी रिपोर्ट
राज्यपाल एवं विवि के कुलाधिपति ने विवि में हुई इस हिंसा मामले की पूरी रिपोर्ट 27 मार्च को विवि कुलपति से मांगी थी। इसे सौंपने के लिए तीन दिन का समय दिया था। इसके साथ ही राज्यपाल विवि में बार-बार हो रही ऐसी हिंसक घटनाओं की भविष्य में पुनरावृत्ति न हो इसको लेकर कार्ययोजना सौंपने के आदेश भी जारी किए थे।
कैंपस में हिंसा रोकने माहौल सुधारने को विवि उठा चुका है कई कदम
हिंसा के बाद कुलाधिपति के सख्त रुख के चलते विवि प्रशासन ने पहले ही छात्र संगठनों के बीच टकराव और हिंसा की संभावनाएं कम करने तथा छात्र संगठनों की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के लिए कई बड़े कदम उठा चुका है। इसको लेकर 26 मार्च को बाकायदा डीएसडब्लू कार्यालय की ओर से आदेश भी जारी किए है, छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सूचित भी किया है।
इनमें परिसर में संगठन के बैच, संगठनात्मक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है वहीं एससीए रूम का सिर्फ सकारात्मक गतिविधियों के लिए उपयोग करने, छात्रावासों में बाहरी तत्वों की एंट्री रोकने को मुख्य गेट पर पुलिस कर्मियों की तैनाती। परिसर में हर तरह के धरने प्रदर्शनों पर रोक लगाई है। अधिकारियों के समक्ष मांगे उठाने से पूर्व अधिकारी से समय लेने और पांच छात्रों के मिलने के नियम लागू किए जा चुके है।