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ग्रीन टैक्स, पानी के बिलों से राहत दे नगर निगम

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कटघरे में नगर निगम के फैसले, भाजपा ने ही उठा दिए सवाल
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ग्रीन टैक्स, पानी बिल और गारबेज कलेक्शन के रेट बढ़ाने से भाजपा नाखुश
जिलाध्यक्ष ने कहा, तीनों फैसलों पर पुनर्विचार करे मेयर, जनता है परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। 26 फरवरी को अपना पहला बजट पेश करने जा रहे भाजपा शासित नगर निगम की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई हैं। पानी बिल, डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन के रेट दोगुना करने और ग्रीन टैक्स शुरू करने के फैसले पर जनता के बाद अब जिला भाजपा ने ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह पहला मौका है जब भाजपा ने सार्वजनिक तौर पर नगर निगम में अपनी ही पार्टी के फैसलों पर निशाना साधा है। पार्टी ने इन फैसलों को जनविरोधी करार देते हुए इन्हें लागू न करने की मांग की है। पार्टी के जिलाध्यक्ष संजय सूद ने नगर निगम महापौर कुसुम सदरेट से इन तीनों फैसलों पर फिर से विचार करने को कहा है। पार्टी अध्यक्ष का कहना है कि इन तीनों फैसलों से आम शहरी पर बोझ पड़ेगा। पर्यटकों को बिना सुविधाएं दिए टैक्स वसूलना गलत है। इसी तरह पानी बिल में होने वाली सालाना बढ़ोतरी और गारबेज कलेक्शन के रेट दोगुना करना भी सही नहीं है। महामंत्री प्रमोद ठाकुर और विजय परमार का कहना है कि इन फैसलों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। अब देखना रोचक होगा कि अपनी ही पार्टी के सवाल उठाने के बाद निगम प्रशासन आखिर क्या फैसला लेता है।
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सुविधाएं तो दी नहीं, बढ़ा रहे परेशानी
सत्ता में आने से पहले भाजपा ने शहर की जनता से कई बड़े वायदे किए थे। लेकिन आठ माह के कार्यकाल के दौरान जनता को राहत देने वाला फिलहाल कोई बड़ा फैसला नहीं लिया। पानी के नए मीटर तो लगाए लेकिन बिल अभी भी फ्लैट रेट पर वसूल रहे हैं। गारबेज कलेक्शन के रेट डबल हो गए, साथ ही प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने के लिए भी कमेटी बना दी।
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पर्यटकों को सुविधाएं नहीं, अब वसूलेंगे ग्रीन टैक्स
शहर में ग्रीन टैक्स मार्च से लगना है। इस बार मासिक बैठक में इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। मंजूरी मिलते ही शहर में आने वाली बाहरी राज्यों की गाड़ियों से 200 से 500 रुपये तक ग्रीन टैक्स वसूला जाएगा। न चुकाने पर दो हजार जुर्माना लगेगा। जिला भाजपा का कहना है कि जब निगम सैलानियों को सुविधाएं नहीं दे रहा तो टैक्स किस बात का।
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मीटर रीडिंग पर बिल नहीं, हर साल बढ़ा रहे कीमतें
शहरवासियों को अभी तक मीटर रीडिंग पर बिल नहीं दिए जा रहे। मीटर तो लग गए, लेकिन आठ महीने से लोग फ्लैट रेट पर बिल भर रहे हैं। यही नहीं, इस बिल में भी सालाना दस फीसदी की बढ़ोतरी हो रही है। जिला भाजपा का कहना है कि इससे शहरवासियों पर बोझ पड़ रहा है। दस फीसदी की बढ़ोतरी पर रोक लगनी चाहिए।
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कूड़ा उठता नहीं, रेट कर दिए दोगुना
घरों, दफ्तरों से रोज कूड़ा तो उठता नहीं, लेकिन नगर निगम ने गारबेज कलेक्शन दरें जरूर दोगुना कर दी हैं। घरेलू उपभोक्ताओं से जहां 70 रुपये वसूले जाएंगे। वहीं, व्यावसायिक संस्थानों के रेट दो से पांच गुणा तक बढ़ा दिए हैं। पार्टी का कहना है कि रेट एकसाथ डबल करना सही नहीं है। इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।
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भाजपा पार्षदों में पहले भी हो चुका है घमासान
शिमला। नगर निगम में भाजपा पार्षदों के बीच केरल दौरे को लेकर भी घमासान हो चुका है। बाद में मामला सरकार तक पहुंचा था जिसके बाद पार्टी को भी हस्तक्षेप करना पड़ा था। आखिरकार सभी पार्षदों को एक ग्रुप में केरल भेजा गया था। सदन के भीतर भी प्रॉपर्टी टैक्स, सफाई व्यवस्था आदि मुद्दों को लेकर भाजपा पार्षद निगम प्रशासन पर सवाल उठा चुके हैं। पार्षदों के बीच तालमेल की कमी और कलह कई बार सार्वजनिक हो चुकी है।
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क्या कहती है मेयर
मुझे अभी इस बारे में कुछ नहीं कहना है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने किन फैसलों पर सवाल उठाए हैं, इसे विस्तृत रूप से जानने के बाद ही अपनी प्रतिक्रिया दे सकती हूं।
कुसुम सदरेट, मेयर नगर निगम शिमला
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