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प्रापर्टी टैक्स, गारबेज कलेक्शन बढ़ोतरी पर होटल कारोबारी भड़के

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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। अपनी जेबें भरने के लिए नगर निगम शहर के आम लोगों और कारोबारियों पर टैक्स का बोझ बढ़ाने की तैयारी में है। नगर निगम के प्रापर्टी टैक्स और गारबेज कलेक्शन फीस बढ़ाने के फैसले से पर्यटन कारोबारी भड़क गए हैं। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि अगर टैक्स बढ़ता है और गारबेज कलेक्शन फीस बढ़ाई जाती है तो पर्यटन कारोबार बुरी तरह प्रभावित होगा। टैक्स और फीस बढ़ने से महंगाई बढ़ेगी जिससे शिमला में सैलानियों की आमद और अधिक घट कर न के बराबर हो जाएगी। इस स्थिति में होटल बंद करने तक की नौबत आ सकती है। इस मुद्दे पर अब होटेलियर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष अपना विरोध दर्ज करवाने की तैयारी में हैं।
शहर में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन फीस अगले महीने से दुगनी हो जाएगी। नगर निगम अगले महीने से घरेलू उपभोक्ताओं से 50 की जगह 75 रुपये और व्यवसायिक उपभोक्ताओं से मौजूदा समय के मुकाबले दुगनी फीस की वसूली करेगा। इतना ही नहीं नगर निगम ने अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए प्रापर्टी टैक्स बढ़ाने का भी फैसला ले लिया है। बर्फबारी न होने से शहर में पर्यटन कारोबार फीका चल रहा है। वीकएंड पर भी शहर के होटलों में ऑक्यूपेंसी नहीं बढ़ पा रही है। ऐसे में शहर के पर्यटन कारोबारियों को नए वित्तीय बोझ का डर सता रहा है। कारोबारी सरकार के समक्ष अपना पक्ष रखने जा रहे हैं ताकि सरकार नगर निगम को अनुचित तरीके से लोगों पर बोझ डालने से रोके।
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होटल बंद करने की आएगी नौबत : कुकरेजा
प्रापर्टी टैक्स और गारबेज कलेक्शन फीस बढ़ने का सीधा असर पर्यटन कारोबारियों पर पड़ेगा। नगर निगम ने दो साल पहले ही तीन गुणा टैक्स बढ़ोतरी की है। शिमला में टैक्स बढ़ता जा रहा है और कारोबार घट रहा है। यही स्थिति रही तो होटल बंद करने की नौबत आ जाएगी। इस मामले में मुख्यमंत्री से मिल कर दखल देने का आग्रह किया जाएगा।
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- हरनाम सिंह कुकरेजा
अध्यक्ष, होटेलियर एसोसिएशन शिमला
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1500 से 5000 रुपये है मौजूदा रेट
होटलों की गारबेज कलेक्शन फीस (कमरों की संख्या के आधार पर) मौजूदा समय में 1500 से 5000 रुपये के बीच है। फीस में दुगनी बढ़ोतरी होने पर छोटे होटलों से 3000 और बड़े होटलों से 10,000 रुपये मासिक वसूली सिर्फ कचरा उठाने के एवज में की जाएगी।

व्यवसायिक संस्थानों पर ऐसे पड़ेगा बोझ
ढाबा 400 से 800
कैंटीन 350 से 700
टी शॉप 80 से 160
कॉफी शॉप 600 से 1200
फल, सब्जी विक्रेता 250 से 500
रेस्टोरेंट 1500 से 3000
दुकान 100 से 200
मिठाई दुकान 400 से 800
वर्कशाप 500 से 1000
सिनेमा हॉल 1500 से 3000
कार पार्किंग 750 से 1500
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