हिमाचल प्रदेश में बीते दो सप्ताह से पैदा हुआ यूरिया खाद का संकट अब कम होने लगा है। गुरुवार को होशियारपुर पहुंची खाद की 2655.900 मीट्रिक टन खेप प्रदेश के 11 जिलों में वितरित की जा रही है। अभी तक 1693.575 मीट्रिक टन खाद सभी जिलों के लिए जारी की जा चुकी है। बाकी बची 962.325 मीट्रिक टन खाद को भी अगले दो दिन तक सप्लाई किया जाएगा। बताया जा रहा है कि यूरिया की यह खेप प्रदेश के किसानों की जरूरतें पूरा करने के लिए काफी है। इससे प्रदेश में पैदा हुआ खाद का संकट खत्म होगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के जिन जिलों में खाद भेजी गई है, उनमें बिलासपुर, ऊना, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन शामिल हैं। बिलासपुर के लिए 137.475 मीट्रिक टन, चंबा के लिए 18, हमीरपुर के लिए 56.250, कांगड़ा के लिए 343.350, किन्नौर के लिए 54.225, कुल्लू के लिए 36.450, मंडी के लिए 223.875, शिमला के लिए 28.575, सिरमौर के लिए 146.025 और ऊना के लिए 400.725 मीट्रिक टन खाद की सप्लाई भेजी जा चुकी है।
गेहूं की फसल के खाद खरीद रहे ज्यादातर किसान
प्रदेश में इस समय यूरिया खाद की अधिकतर मांग गेहूं की फसल के लिए हो रही है। अच्छी पैदावार के लिए इस समय खाद का छिड़काव बेहद जरूरी माना जाता है। इसलिए किसान दो सप्ताह से खाद की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार को अलग-अलग क्षेत्रों के लिए खाद की सप्लाई शुरू हो गई। रविवार तक सभी इलाकों में खाद उपलब्ध होने की उम्मीद है, जिससे किसानों को राहत मिलेगी। इस संबंध में इफ्को के क्षेत्र प्रबंधक भुवनेश पठानिया ने बताया कि सभी जिलों के लिए होशियारपुर से खाद की सप्लाई भेजी जा रही है।
लाहौल-स्पीति के लिए नहीं गई खाद
प्रदेश में केवल लाहौल-स्पीति जिले के लिए खाद की खेप नहीं भेजी गई है। बताया जा रहा है कि बर्फबारी के कारण वहां के रास्ते बंद हो जाते हैं। ऐसे में वहां खाद भेजने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी कारण लाहौल में जून-जुलाई माह में ही खाद का पर्याप्त स्टॉक भेज दिया जाता है। सर्दी के मौसम में वहां जरूरत के हिसाब से स्टॉक मौजूद रहता है।