अमर उजाला ब्यूरो
शिमला।
शहर में कई प्राकृतिक चश्मों के सैंपल फेल हो गए हैं। इसके अलावा चौड़ा मैदान स्कूल और जाखू स्थित सार्वजनिक नल में भी गंदे पानी की सप्लाई का मामला सामने आया है। आईजीएमसी की लैब में इन सबके सैंपल फेल हुए हैं। नगर निगम की ताजा रिपोर्ट के अनुसार पिछले हफ्ते लिफ्ट एमसी पार्किंग और अनाडेल टैंक के पास स्थित चश्मों से पानी के सैंपल लिए गए थे। इसके अलावा चौड़ा मैदान हाई स्कूल और जाखू स्थित सार्वजनिक नल से पानी के भी सैंपल लिए थे। सभी सैंपल फेल हो गए है। यानी कि इन स्रोतों और नल का पानी पीने योग्य नहीं है। निगम के अनुसार बावड़ियों और कई प्राकृतिक चश्मों का पानी पीने योग्य नहीं है। बाकायदा अलर्ट जारी कर रखा है। हैरानी की बात है कि चौड़ा मैदान स्कूल के लिए सप्लाई होने वाला पानी भी दूषित निकला है। स्कूल के लिए रिज मैदान स्थित एमसी के टैंक से सप्लाई होती है। निगम प्रशासन का कहना है कि पुरानी पाइप या लीकेज के चलते ये पानी दूषित पाया गया है। टैंक के पानी के सैंपल ठीक हैं। जिस कारण ये समस्या आई थी उसे दुरुस्त कर लिया गया है। उधर, स्कूल की मुख्य अध्यापिका सुरेंद्रा शर्मा ने बताया कि एमसी से दूषित पानी की सप्लाई आने की जानकारी मिली थी लेकिन अब इस लाइन को ठीक कर दिया गया है। कहा कि स्कूल ने पहले ही टंकियां साफ कर रखी हैं।
निगम अभियंता विजय गुप्ता का कहना है कि जिन टैंकों या चश्मों की रिपोर्ट सही नहीं आती है वहां लोगों को इसका पानी पीने के लिए इस्तेमाल न करने की सलाह दी जाती है। एमसी लगातार शहर भर से पानी के सैंपल ले रहा है ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाया जा सके।
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विकासनगर, न्यू शिमला में अलर्ट के बावजूद गंदा पानी पी रहे लोग
शिमला। विकासनगर और न्यू शिमला स्थित कई प्राकृतिक चश्मों और बावड़ियों का पानी लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। इन पर निगम की ओर से बाकायदा लिखित में अलर्ट भी जारी किया गया है। लेकिन पानी की किल्लत के चलते लोग इनका पानी इस्तेमाल कर रहे हैं। मेयर कुसुम सदरेट का कहना है कि जिन बावड़ियों का पानी पीने योग्य नहीं है, उसका इस्तेमाल न करें। उन्होंने लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी है।
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